Wednesday, July 15, 2026
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भारत पर अमेरिकी टैरिफ की तलवार, रूस से तेल खरीदने वाले पांच देशों को निशाना बनाता 100% शुल्क वाला विधेयक पेश

अमेरिकी सीनेट में पेश एक द्विदलीय विधेयक में रूस से तेल खरीदने वाले भारत, चीन समेत पांच देशों पर 100% आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। विधेयक का उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाना है। 15 यूरोपीय देशों को छूट दी गई है, जबकि प्रस्ताव को दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की पहल माना जा रहा है।

US Senate Bill : वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों ने संयुक्त रूप से एक विधेयक पेश किया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले भारत, चीन समेत पांच देशों पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस कदम का उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाना और उसके ऊर्जा कारोबार को सीमित करना है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की पहल पर तैयार इस विधेयक में रूस से गैस खरीदने वाले 15 यूरोपीय देशों को शुल्क से छूट दी गई है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि रूस से उनकी खरीद उनकी कुल जरूरत का बहुत छोटा हिस्सा है और ये देश मॉस्को पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं। ग्राहम का रविवार तड़के निधन हो गया।

भारत-चीन समेत पांच देशों पर अमेरिकी निशाना

भारत और चीन के अलावा स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान भी 100 प्रतिशत प्रस्तावित शुल्क के दायरे में हैं। कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मंगलवार शाम यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसे शुल्क संबंधी विधेयक कहा जा रहा है, लेकिन वास्तव में यह रूस के ऊर्जा क्षेत्र, वित्तीय क्षेत्र, रक्षा औद्योगिक आधार, धनाढ्य कारोबारियों, उद्योगपतियों और स्वयं व्लादिमीर पुतिन समेत रूसी अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से पर पूरी तरह रोक लगाने वाले प्रतिबंध लागू करता है।’’

ब्लूमेंथल ने कहा, इसमें लक्षित शुल्क लगाने का प्रावधान है। यह शुल्क रूसी तेल के पांच प्रमुख खरीदारों तक सीमित होगा और इसकी दर 100 प्रतिशत तक हो सकती है। इसमें छूट देने का अधिकार भी बहुत सीमित रखा गया है। फिलहाल रूसी तेल के ये पांच प्रमुख खरीदार चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान हैं। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो यह पहली बार होगा, जब अमेरिकी कांग्रेस किसी अन्य देश के युद्ध प्रयासों के लिए धन उपलब्ध कराने वाले देशों को दंडित करने के उद्देश्य से शुल्क को भू-राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की स्पष्ट अनुमति देगी। विधेयक के पहले के संस्करण में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव था।

यूरोपीय सहयोगियों को इसमें निशाना नहीं बनाया गया : ब्लूमेंथल

ब्लूमेंथल ने कहा, हमारे यूरोपीय सहयोगियों को इसमें निशाना नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा, यह समझना बहुत जरूरी है कि हमने इस विधेयक को इस तरह तैयार किया है कि इसका दायरा बहुत सीमित रहे और यह मुख्य रूप से रूसी तेल और गैस के बड़े खरीदारों को ही निशाना बनाए। ‘कैपिटल हिल’ (अमेरिकी संसद परिसर) में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने एक साथ खड़े होकर इस विधेयक को दक्षिण कैरोलाइना के सीनेटर ग्राहम को श्रद्धांजलि के रूप में पेश किया। ग्राहम का रविवार तड़के निधन हो गया था।

अलबामा से रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट ने कहा कि ग्राहम ने इस विधेयक को तैयार कराने के लिए ‘‘बिना थके और लगातार’’ काम किया था और उनका मानना था कि यह उनके राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कानून बनेगा। अमेरिका ने पिछले महीने भारत समेत 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। इन देशों पर जबरन मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक नहीं लगाने का आरोप लगाया गया था। 

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Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
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