Saturday, May 23, 2026
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America ने भारत, चीन समेत इन देशों के 32 संस्थानों और व्यक्तियों पर लगाया बैन, जानें आखिर क्या है वजह

US Sanctions : अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत, चीन, ईरान, तुर्की, UAE, हांगकांग समेत कई देशों के 32 संस्थानों और व्यक्तियों पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन (UAV) प्रोग्राम में मदद करने का आरोप है।

अमेरिका ने बुधवार को भारत, चीन और कई अन्य देशों के 32 संस्थानों और व्यक्तियों के खिलाफ, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े होने के आरोप में प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान के मिसाइलों और अन्य हथियारों के आक्रामक विकास को रोकना है.

32 संस्थानों और व्यक्तियों पर लगाया प्रतिबंध

बयान में कहा गया है कि अमेरिका आज ईरान, चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की, भारत और अन्य क्षेत्रों में स्थित 32 संस्थानों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा रहा है, जो ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उत्पादन में सहायता देने वाले विभिन्न आपूर्ति नेटवर्कों से जुड़े हैं.’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम ईरान द्वारा परमाणु प्रतिबद्धताओं के महत्वपूर्ण उल्लंघन के जवाब में सितंबर में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों और अन्य पाबंदियों को फिर से लागू करने के अनुरूप है.

प्रतिबंध के पीछे बताई ये वजह

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आतंकवाद और आर्थिक खुफिया मामलों के अवर सचिव जॉन के. हरली ने कहा कि ईरान वैश्विक वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग कर अपने परमाणु और पारंपरिक हथियार कार्यक्रमों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग और आवश्यक सामग्रियों की खरीद करता है. राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर, अमेरिका ईरान पर अधिकतम दबाव बना रहा है ताकि वह अपने परमाणु खतरे को समाप्त करे.

हरली ने आगे कहा, ‘अमेरिका यह भी उम्मीद करता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को पूरी तरह लागू करेगा ताकि ईरान की वैश्विक वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को रोका जा सके.’

भारत के संबंध को लेकर बताई ये बात

वित्त मंत्रालय ने बताया कि भारत स्थित ‘फार्मलेन प्राइवेट लिमिटेड’ का संबंध संयुक्त अरब अमीरात स्थित ‘मार्को क्लिंगे’ नामक कंपनी से पाया गया है, जिसने कथित तौर पर सोडियम क्लोरेट और सोडियम पर्क्लोरेट जैसी सामग्रियों की आपूर्ति में मदद की थी.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका तीसरे देशों में स्थित संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने सहित, उपलब्ध सभी साधनों का उपयोग करता रहेगा ताकि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और यूएवी कार्यक्रमों के लिए उपकरणों और सामग्रियों की खरीद के प्रयासों को उजागर, बाधित किया जा सके और रोका जा सके. मंत्रालय ने कहा कि ईरान की ये गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता दोनों के लिए खतरा हैं.

ये भी पढ़ें: ‘साफ तौर पर एक आतंकी हमला है’, दिल्ली ब्लास्ट पर अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान, बोले- ‘भारत को अमेरिका की मदद की जरूरत नहीं, वो खुद…’

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Premanshu Chaturvedi
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