चंडीगढ़। महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने पर केंद्र सरकार के मंत्रियों ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और संजय सेठ ने विपक्षी दलों पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने और राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
मीडिया से बातचीत करते हुए खट्टर ने कहा कि विधेयक को आगे नहीं बढ़ने देना महिलाओं के साथ अन्याय के समान है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की महिलाएं कृषि, विज्ञान, उद्योग, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शिक्षा और खेल जैसे हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, ऐसे में उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित करना उचित नहीं है। खट्टर ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित विपक्षी दल लंबे समय से इस मुद्दे पर टालमटोल करते रहे हैं और अब भी बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं।
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इस दौरान उत्तर प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने भी विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाएं अपमान को बर्दाश्त नहीं करतीं और आने वाले चुनावों में इसका असर साफ दिखाई देगा। उन्होंने संकेत दिया कि महिला मतदाता इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगी।
वहीं, संजय सेठ ने ‘इंडिया’ गठबंधन पर आरोप लगाया कि उसने विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए जानबूझकर अड़चनें पैदा कीं। उन्होंने इसे गंभीर गलती बताते हुए कहा कि जनता इस व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी और समय आने पर जवाब देगी।
महिला आरक्षण को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है और यह मुद्दा आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकता है।



