Nari Shakti Vandan Adhiniyam Bengal : महिषादल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन नवीन (Nitin Naveen) ने सोमवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने 2029 से विधायिकाओं में महिला आरक्षण लागू करने के केंद्र के प्रयास का विरोध कर उनके (महिलाओं के) साथ “विश्वासघात” किया है। पूर्व मेदिनीपुर के महिषादल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि अगर यह मामला “अल्पसंख्यकों के आरक्षण” का होता, तो ममता बनर्जी इसके समर्थन में मीलों पदयात्रा को तैयार रहतीं। उन्होंने कहा कि अब राज्य की महिलाओं के लिए समय आ गया है कि वे ऐसी सरकार को सजा दें, जो घुसपैठियों की रक्षा करती है और अपनी बेटियों को असुरक्षित छोड़ देती है।
दीदी ने महिला आरक्षण का विरोध किया : नितिन नवीन
भाजपा नेता ने नरेन्द्र मोदी द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रयास और तृणमूल द्वारा इसे “बाधित” करने के बीच के अंतर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारे नेता नरेन्द्र मोदी महिलाओं को शासन में उनका अधिकार दिलाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लेकर आए, लेकिन ममता दीदी के सांसदों ने इसका विरोध किया।
नवीन ने कहा, यह विडंबना है कि एक महिला मुख्यमंत्री वाले राज्य में संदेशखालि से लेकर जय नगर तक बेटियों का अपमान हो रहा है। तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि मां, माटी, मानुष सरकार के तहत महिलाएं सबसे अधिक “पीड़ित और परेशान” रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला मुख्यमंत्री अपने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकतीं, तो उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
नवीन ने तृणमूल की तुष्टीकरण की राजनीति पर हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में जनता की जमीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को सौंपी जा रही है।उन्होंने कहा कि राज्य में “डबल इंजन” वाली भाजपा सरकार बनने पर अवैध प्रवासियों को “डिलीट, डिमोट और डिपोर्ट” किया जाएगा। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में लोग “सनातन विरोधी ताकतों” को करारा जवाब देंगे। नवीन ने “सिंडिकेट” संस्कृति को खत्म करने और योग्यता के आधार पर रोजगार देने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में “परिवर्तन की लहर” चल रही है, जो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “विकसित बंगाल” का मार्ग प्रशस्त करेगी।



