Share Market Update Today : मुंबई। पश्चिम एशिया में तनाव गहराने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से सोमवार को निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी आने से घरेलू शेयर बाजार लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए। विश्लेषकों के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने भू-राजनीतिक चिंताओं के असर को कुछ हद तक संतुलित किया, जिससे बाजार शुरुआती गिरावट से उबरने में सफल रहा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 711.96 अंक यानी 0.91 प्रतिशत टूटकर 76,857.43 अंक तक आ गया था। हालांकि, आईटी शेयरों में जबर्दस्त खरीदारी आने से यह गिरावट से उबरकर 219.9 अंक तक चढ़ गया, लेकिन अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका। कारोबार के अंत में यह 47.01 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,616.40 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 4.10 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 24,211 अंक पर बंद हुआ और इसमें लगातार तीसरे सत्र में तेजी दर्ज की।

इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट और तेजी
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 5.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अधिक लाभ में रही। इसके अलावा एचसीएल टेक 5.02 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 3.34 प्रतिशत, इन्फोसिस 3.17 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.18 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर 1.83 प्रतिशत चढ़े। दूसरी तरफ, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयर नुकसान में रहे। पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.57 प्रतिशत बढ़कर 77.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘अमेरिका एवं ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की तनावपूर्ण स्थिति के कारण तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल के दाम बढ़े और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।’’ व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.51 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ जबकि छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.03 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में आईटी खंड ने सर्वाधिक 3.49 प्रतिशत की छलांग लगाई जबकि फोकस आईटी खंड में 3.30 प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 0.59 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 0.35 प्रतिशत की तेजी रही। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,335 कंपनियों के शेयर लाभ में रहे, जबकि 2,068 शेयरों में गिरावट रही और 189 अन्य के भाव में बदलाव नहीं हुआ। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बाजार में काफी उतार-चढ़ाव भरा कारोबार हुआ और सूचकांक लगभग स्थिर बंद हुए। पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव पैदा होने से कच्चे तेल में तेजी रही और निवेशकों ने सतर्कता दिखाई।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 8.95 प्रतिशत गिर गया जबकि जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट भी नुकसान में रहे। हांगकांग का हैंग सेंग मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 2,603.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। शुक्रवार को सेंसेक्स 827.57 अंक चढ़कर 77,569.39 अंक पर और निफ्टी 244.10 अंक की बढ़त के साथ 24,206.90 अंक पर बंद हुआ था।



