Monday, February 23, 2026
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Raj Kundra Bail: शिल्पा शेट्टी के पति राजकुंद्रा को मिली जमानत, बिटकॉइन घोटाले से जुड़ा है मामला

Raj Kundra Bail in Bitcoin Scam Case: मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट ने कथित बिटकॉइन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को जमानत दे दी। उनके वकील के अनुसार कुंद्रा 2021 से ईडी जांच में सहयोग कर रहे थे और सभी दस्तावेज पहले ही एजेंसी के पास थे, इसलिए हिरासत आवश्यक नहीं मानी गई।

Raj Kundra Bail in Bitcoin Scam Case: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राजकुद्रां को मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी। कुंद्रा कथित बिटकॉइन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत में पेश हुए थे. मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज मामलों के विशेष न्यायाधीश आर बी रोटे ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए कुंद्रा को जनवरी में समन जारी किया था. कुंद्रा अदालत के समक्ष पेश हुए और जमानत याचिका दायर की,जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.

उनके वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि कुंद्रा ने 2021 से ही ED की जांच में सहयोग किया था. पाटिल ने बताया कि मामले से संबंधित सभी दस्तावेज पहले से ही जांच एजेंसी के पास थे, इसलिए उनकी हिरासत की जरूरत नहीं थी.

क्या था पूरा मामला ?

केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कुंद्रा ने ‘गेन बिटकॉइन पोंजी’ घोटाले के कथित षड्यंत्रकारी अमित भारद्वाज से यूक्रेन में ‘बिटकॉइन माइनिंग फार्म’ स्थापित करने के लिए 285 बिटकॉइन प्राप्त किए थे. ईडी का दावा है कि चूंकि यह सौदा पूरा नहीं हुआ, इसलिए कुंद्रा के पास अब भी 285 बिटकॉइन हैं, जिनकी मौजूदा कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक है.

चार्जशीट में क्या कहा गया ?

अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए कहा था कि गवाहों के बयान और अन्य सबूतों से प्रथम दृष्टया ऐसा दिख रहा है कि कुंद्रा और दुबई स्थित कारोबारी राजेश सतीजा PMLA के तहत दंडनीय अपराध में शामिल थे. आरोप पत्र के अनुसार, कुंद्रा ने दावा किया कि उन्होंने केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाई, लेकिन उन्होंने इस दावे को साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया.

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि कुंद्रा और अमित के पिता महेंद्र भारद्वाज के बीच ‘टर्म शीट’ नामक एक समझौता हुआ था, इसलिए कुंद्रा का केवल मध्यस्थ होने का दावा मान्य नहीं है. ईडी ने कहा कि कुंद्रा को लेन-देन के 7 साल बाद भी 5 किस्तों में प्राप्त बिटकॉइन की सटीक संख्या याद है, जिससे यह पुष्ट होता है कि उन्होंने वास्तव में वास्तविक मालिक के रूप में बिटकॉइन प्राप्त किए थे. उन्होंने केवल मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाई थी.’ वर्ष 2018 से कई अवसर मिलने के बावजूद, कुंद्रा उन वॉलेट का पता बताने में विफल रहे, जहां 285 बिटकॉइन स्थानांतरित किए गए थे. उन्होंने जानकारी न देने का कारण अपने आईफोन एक्स के क्षतिग्रस्त होने को बताया, जो सबूत नष्ट करने का प्रयास था.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
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