Republic Day Parade 2026 : नई दिल्ली। देश के इतिहास में पहली बार 77वें गणतंत्र दिवस परेड़ में भारतीय वायुसेना के बैंड में नौ महिला अग्निवीर शामिल होंगी जो कर्तव्य पथ पर अपने वाद्ययंत्रों से मधुर संगीत बजाते हुए मार्च करेंगी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने यहां आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ 26 जनवरी को औपचारिक परेड से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान सहयोग करेंगी। एक अधिकारी ने बताया कि सार्जेंट चार्ल्स एंटनी डेनियल के नेतृत्व में वायुसेना के बैंड के पीछे 144 वायुसैनिकों का मार्चिंग दस्ता चलेगा, जिसका नेतृत्व स्क्वॉड्रन लीडर जगदीश कुमार करेंगे। उन्होंने बताया कि स्क्वॉड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश मुरली भारतीय वायुसेना दल में अतिरिक्त अधिकारी के रूप में काम करेंगे।
वायुसेना बैंड और 29 विमानों का भव्य फ्लाई-पास्ट
अधिकारी ने बताया कि परेड में दो चरणों में होने वाली फ्लाई पास्ट में कुल 29 विमान – 16 लड़ाकू विमान, चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर – शामिल होंगे और दर्शकों को इस दौरान विमानों की कुल आठ संयोजना आसमान में देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि फ्लाई पास्ट का पहला चरण परेड के साथ-साथ चार संयोजना के साथ होगा और शेष चार संयोजनाएं परेड समाप्त होने के बाद होंगी, जिसमें पिछले साल मई में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर की सफलता’ के उपलक्ष्य में एक विशेष अग्रिम पंक्ति की संयोजना भी शामिल होगी। वायुसेना मुख्यालय के समारोह निदेशालय के एयर कमोडोर इमरान एच जैदी ने बताया कि 75 सदस्यीय भारतीय वायु सेना बैंड में 66 अग्निवीर होंगे और बाकी वायुसैनिक होंगे। उन्होंने कहा कि इन 66अग्निवीर दस्ते में नौ महिला अग्निवीर शामिल होंगी और यह पहली बार होगा जब वे परेड में भारतीय वायु सेना के बैंड का हिस्सा बनेंगी।
पहली बार वायुसेना बैंड में दिखेगा महिला अग्निवीरों का दमखम
स्क्वॉड्रन लीडर कुमार(33) ने बताया, गणतंत्र दिवस परेड में यह मेरी पहली बार भागीदारी है। कर्तव्य पथ पर अपनी सेवा का प्रतिनिधित्व करते हुए मुझे बेहद गर्व महसूस हो रहा है। मूल रूप से तमिलनाडु के निवासी स्क्वॉड्रन लीडर कुमार के पिता राज्य सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी और मां एक स्कूल शिक्षिका हैं। उन्होंने दिसंबर और जनवरी की कड़ाके की ठंड में दिल्ली में अभ्यास करने की चुनौतियों को साझा किया। वह अपने परिवार में सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले पहले व्यक्ति हैं। स्क्वॉड्रन लीडर कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम अभ्यास के लिए सुबह लगभग चार बजे पहुंचते हैं, और फिर यह सुनिश्चित करने के लिए 7-8 घंटे का अभ्यास करते हैं कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और दल के सभी सदस्य तालमेल से काम कर रहे हों। स्क्वॉड्रन लीडर चौधरी टुकड़ी में मौजूद तीन अतिरिक्त अधिकारियों में से एक हैं। वह भी पहली बार औपचारिक परेड में भाग ले रहे हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, मैं ‘फाइटर कंट्रोलर’ शाखा में काम करती हूं।
अगर युद्ध की स्थिति में हमारी कोई महत्वपूर्ण भूमिका होती है, तो भारतीय वायु सेना की टुकड़ी का हिस्सा होना बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने कहा, ‘‘ठंड एक चुनौती है, लेकिन यह जानकर हौसला मिलता है कि आपको इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है जो सम्मान का प्रतीक है।’’ सलामी मंच तक पहुंचने से पहले, भारतीय वायु सेना का बैंड ‘निडर योद्धा’ और ‘सारे जहां से अच्छा’ सहित कई धुनें बजाएगा। मंच के सामने यह ‘साउंड बैरियर’ बजाएगा और मंच पार करने के बाद ‘लड़ाकू’ धुन बजाएगा। उत्तर प्रदेश के मथुरा की रहने वाली 19 वर्षीय अग्निवीर सुरभि शर्मा बैंड का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मैं सैक्सोफोन भी बजाती हूं और भारत के गौरव का प्रतीक इस प्रतिष्ठित परेड का हिस्सा बनना मेरे लिए एक अनूठा सम्मान है।’’




