जयपुर। राजस्थान सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (आरसीडीएफ) की प्रबंध निदेशक श्रुति भारद्वाज ने गुरुवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के कॉल सेंटर का निरीक्षण कर डेयरी विभाग से संबंधित शिकायतों और मांगों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान श्रुति भारद्वाज ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर बातचीत की। इस दौरान लोगों ने दूध विक्रय के लंबित भुगतान, दुर्घटना बीमा क्लेम के भुगतान, डेयरी बूथों पर दूध आपूर्ति में आ रही समस्याओं तथा कुछ बूथों पर अनुचित सामग्री की बिक्री जैसे मुद्दों से अवगत कराया।प्रबंध निदेशक ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में आवश्यकता हो, वहां विभागीय मुख्यालय से विशेष जांच टीम गठित कर मौके पर भेजी जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और आमजन को समयबद्ध राहत प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि विभाग स्तर पर शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है और प्रत्येक परिवाद के समाधान के लिए जवाबदेही तय की गई है। शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर अब तक डेयरी विभाग से संबंधित कुल 3,282 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 3,072 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और सरकारी सेवाओं को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है।आरसीडीएफ प्रबंधन का कहना है कि डेयरी किसानों, दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि डेयरी क्षेत्र में विश्वास और सेवा गुणवत्ता को और मजबूत किया जा सके।



