जयपुर। दीपावली 2026 पर आतिशबाजी से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राजस्थान सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल प्रदेश के छह जिलों में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। सरकार के निर्देशों के अनुसार, इन जिलों में पारंपरिक पटाखों पर प्रतिबंध रहेगा और केवल CSIR-NEERI से प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही चलाए जा सकेंगे। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की शासन सचिव शैलजा के अनुसार, अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ में आतिशबाजी के लिए विशेष समय सीमा निर्धारित की गई है।
राजस्थान के 6 जिलों में इन तारीखों पर चला सकेंगे पटाखे
सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, इन छह जिलों में 7 और 8 नवंबर 2026 को ही आतिशबाजी की अनुमति होगी। वहीं, 6 नवंबर तक और 9 नवंबर से पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सुबह और रात में कितने बजे चला सकेंगे पटाखे?
नई गाइडलाइन के अनुसार, 7 और 8 नवंबर को प्रतिदिन केवल तीन घंटे आतिशबाजी की अनुमति दी गई है।
- सुबह: 6 बजे से 7 बजे तक
- रात: 8 बजे से 10 बजे तक
निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सरकार का उद्देश्य दीपावली के त्योहार के दौरान पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पारंपरिक पटाखों और ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध
राज्य सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए पारंपरिक पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाई है। इन छह जिलों में केवल CSIR-NEERI से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की ही बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी। इसके अलावा पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने श्रृंखलाबद्ध पटाखों यानी पटाखों की लड़ियों की बिक्री और इस्तेमाल पर भी रोक लगाई है।
पटाखों के पैकेट पर QR कोड होना अनिवार्य
सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, ग्रीन पटाखों के पैकेट पर QR कोड होना अनिवार्य होगा। इसके जरिए पटाखों की प्रमाणिकता और निर्धारित मानकों की जांच की जा सकेगी। बिना आवश्यक पहचान और QR कोड वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
अस्पताल, स्कूल और वृद्धाश्रम के 300 मीटर तक साइलेंस जोन
सरकार ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्कूलों और वृद्धाश्रमों के आसपास 300 मीटर के दायरे को साइलेंस जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह के पटाखे चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसका उद्देश्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को तेज आवाज से होने वाली परेशानी से बचाना है।
नियमों की पालना के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात
नई गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की विशेष टीमें निगरानी रखेंगी। ये टीमें बाजारों में पटाखों की बिक्री, QR कोड, ग्रीन पटाखों के प्रमाणन और निर्धारित समय में आतिशबाजी पर नजर रखेंगी। प्रतिबंधित पटाखे बेचने, ऑनलाइन बिक्री करने या निर्धारित समय और स्थान के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस गाइडलाइन का उद्देश्य दीपावली की खुशियों के साथ पर्यावरण संरक्षण और आमजन के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है।



