मनीष कुमार शर्मा, रिपोर्टर
जयपुर। रेलवे स्टेशनों पर पुलिस यूनिफार्म में तैनात अधिकारी आपने कई बार देखें होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि रेलवे और आपकी सुरक्षा के लिए ये अधिकारी कितनी सतर्कता और जिम्मेदारी से आपके सहयोगी बन रहे हैं? नन्हे फरिश्ते, आहट, डिगनिटी, सतर्क, भूमि और अमानत जैसे कितने ही नाम इनके द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन के हैं, जिनके जरिए रेल यात्रियों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट रही है। इसे देखकर यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि आरपीएफ अब यात्री सुरक्षा और सेवा के संकल्प के साथ एक ब्रांड बन चुका है।

दरअसल, रेल सम्पत्ति और रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत आरपीएफ की ओर से विशेष अभियान चलाए जा रहें हैं, जिसमें रेल सम्पत्ति, रेल यात्रियों और रेलकर्मियों की सुरक्षा के लिए खास सतर्कता बरती जा रही है। उत्तर-पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे अभियानों पर पेश है की एक रिपोर्ट…।
ऑपरेशन अमानत क्या है ?
हर साल अनगिनत यात्री अपना सामान ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर भूल जाते हैं। ऐसे में हेल्पलाइन 139 के जरिए मिली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरपीएफ इन वस्तुओं को बरामद करने के लिए प्रयास करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों/सवारी गाड़ियों में यात्रा करने वाले कुल 1829 यात्रियों के लगभग 3 करोड़ 60 लाख 73 हजार रुपए कीमत के भूलवश छूटे यात्री सामानों को सही सलामत यात्रियों को सौंपा गया।
ऑपरेशन आहट क्या है ?
मानव तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन (एक्शन अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग) चलाया जा रहा है। मानव तस्करी विरोधी इकाइयों के साथ आरपीएफ सक्रिय रूप से पीड़ितों का बचाता है और तस्करों को गिरफ्तार करता है। आरपीएफ द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक दौरान ऑपरेशन आहट के तहत 42 बच्च्चों को रेस्क्यू करते हुए 11 मानव तस्करों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।
ऑपरेशन डिग्निटी
आवश्यकता या संकट के समय वयस्कों की सहायता करना ऑपरेशन डिग्निटी का उद्देश्य है। इसके तहत आरपीएफ कर्मी जरूरतमंद बुजुर्ग, परित्यक्त, बेघर, नशे के आदी, अपहृत या मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सहायता प्रदान करते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च के पहले सप्ताह तक विभिन्न स्टेशनों पर 288 पुरुष व 170 महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपना घर आश्रम/मेरी पहल संस्था/मुख्यमंत्री पुनर्वास में सही सलामत सुपुर्द किया गया।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते
खोए हुए और परित्यक्त बच्चों को बचाना इसका मकसद है। ‘एवरी चाइल्ड मैटर्स’ की भावना के साथ आरपीएफ बिछड़े हुए बच्चों के उनके परिवारों से मिलाकर उनके जीवन में नई उम्मीद का सूरज दिखा रहा है। यह संदेश दे रहा है कि समाज के सबसे कमजोर सदस्य कहे जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ उनके साथ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत अपने परिवार से बिछड़कर अथवा घर से बिना बताए भागकर आए 662 नाबालिग बालक व बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों को चाइल्ड हैल्पलाइन के माध्यम से सुपुर्द कर प्रसंशनीय कार्य किया।
ऑपरेशन नारकोस
नशीले पदार्थों की तस्करी के खतरे से लड़ना और उसकी बरामदगी इसमें होती है। आरपीएफ ने 2019 से ऑपरेशन नार्कोस के तहत अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे सुरक्षा बल ने अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के कुल 51 मामले डिटेक्ट कर अवैध मादक पदार्थ बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 79 लाख 43 हजार 435 रुपए आंकी गई। इन मामलों में अफीम, डोडा पोस्त, डोडा चूरा व गांजा जैसे अवैध मादक पदार्थ बरामद करने सहित 36 आरोपियों को पकड़ा।
ऑपरेशन सतर्क
ऑपरेशन सतर्क के तहत तस्करी और कर चोरी पर अंकुश लगाकर प्रतिबंधित और बेहिसाब सामान जब्त करके अन्य प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करता है। इसमें अवैध तंबाकू, शराब, नकदी और हथियार की बरामदगी आदि शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑपरेशन सतर्क के तहत अवैध शराब तस्करी के 191 मामले डिटेक्ट कर कुल 55 लाख 67 हजार 312 रुपए की अवैध शराब पकड़ी। 88 आरोपियों को मय जब्ती अग्रिम कानूनी कार्यवाही के लिए राजकीय रेलवे पुलिस/आबकारी पुलिस/आयकर विभाग को सुपुर्द किया।
ऑपरेशन उपलब्ध
ऑपरेशन उपलब्ध के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध टिकिट दलालों पर कानूनी कार्यवाही करते हुए 105 आरोपियों को अवैध टिकिट दलाली करते हुए पकड़ा। जिनसे 163 लाईव ई-रेल टिकिट कीमत 6 लाख 26 हजार 408 रुपए और 2156 यात्रा की टिकिट कीमत 42 लाख 78 हजार 293 रुपए जब्त की। 256 आईआरसीटीसी आईडी ब्लॉक कर आरोपियों के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।
ऑपरेशन भूमि
अभियान के तहत रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाया जाता है, क्योंकि यह रेलवे के परिचालन में बाधित होने के साथ-साथ सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा
रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ चलाया जा रहा है। इसके तहत हेल्पलाइन 139 और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर तुंरत एक्शन लिया जाता है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2005-26 में अलग-अलग सवारी गाड़ियों/रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ में जेबतराशी/चोरी का प्रयास कर रहे 213 मामलों में कुल 253 आरोपियों को पकड़कर सम्बंधित राजकीय रेलवे पुलिस को सुपुर्द किया।
ऑपरेशन जीवन रक्षा
रेलवे ट्रैक के आस-पास आपात स्थितियों में लोगों की जान बचाना इसका उद्देश्य है। आरपीएफ कर्मियों ने दूसरों को बचाने के लिए निस्वार्थ भाव से ऐसे मामलों में भी सतर्कता बरती, जहां यात्री चलती ट्रेन से गिर जाते हैं, आत्महत्या का प्रयास करते हैं। वर्ष 2025-26 में मार्च के पहले सप्ताह के अंत तक आरपीएफ जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए 29 यात्रियों की जान बचाई। इन घटनाओं में यात्री चलती गाड़ी में चढ़ने व उतरने के प्रयास में प्लेटफार्म व ट्रेन साथ साथ घिसटने लगे थे, जिन्हें आरपीएफ स्टाफ द्वारा बचा लिया गया।

मेरी सहेली योजना
इसके तहत अकेले या बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिला यात्री सुरक्षित महसूस कर सकती हैं। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च माह के प्रथम सप्ताहंत तक मेरी सहेली योजना के तहत 16 सवारी गाड़ियों को चिन्हित किया गया है। महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ की 9 टीमों के द्वारा 1 लाख 73 हजार 256 महिला यात्रियों को अटेण्ड किया गया और उन्हें सहायता प्रदान करते हुए गन्तव्य स्थान तक सुरक्षित पहुंचाया गया।
हर कदम पर यात्रियों की सुरक्षा के सतर्क है आरपीएफ
ऑपरेशन सेवा : वित्तीय वर्ष 2026-26 में रेलवे सुरक्षा बल ने इसके तहत 62 जरूरतमंद यात्रियों को यात्रा के दौरान व्हीलचेयर, प्राथमिक चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई।
ऑपरेशन मातृशक्ति : गर्भवती महिलाओं को ट्रेन यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा होने पर महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की जाती है।
ऑपरेशन रेल सुरक्षा : ऑपरेशन के तहत टिकट दलाली को खत्म करना, ऑपरेशन दूसरा में अनधिकृत वेंडिंग से निपटना, ऑपरेशन संरक्षा के तहत रेलवे के दुरुपयोग को रोकना जैसे चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी, ज्वलनशील पदार्थ ले जाना आदि शामिल है।
ये भी चलाए अभियान : रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए ऑपरेशन साथी, ऑपरेशन जन जागरण, स्वच्छता के लिए ऑपरेशन सहयोग जैसे कई ऑपरेशन भी चलाए जा रहे हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि रेल यात्रियों, रेलवे परिसंपत्तियों, बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेलवे क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष अभियानों का संचालन किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में आरपीएफ द्वारा कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इनके माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया और जरूरतमंदों की सहायता की गई।
उत्तर पश्चिम रेलवे, आरपीएफ के आईजी व प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा ने बताया कि यात्री सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल सदैव प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा करना है, जिसके लिए कई अभियान भी चलाए जा रहे हैं। हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों पर भी गंभीरता से एक्शन लिया जाता है। वर्तमान में आमजन को भी एक नई सोच के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। ट्रेनों और स्टेशनों पर विशेषत: बच्चों की सुरक्षा से संबंधित संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत आरपीएफ को दें। यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।




