अयोध्या : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब चांदी की काकभुशुंडि प्रतिमा का मामला भी सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि मंदिर को दान में दी गई प्रतिमा की न तो उन्हें रसीद मिली और न ही उसके बारे में कोई जानकारी दी गई।अनीता भारद्वाज नाम की महिला का दावा है कि उन्होंने कारसेवकपुरम में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को चांदी की काकभुशुंडि प्रतिमा भेंट की थी। उनका कहना है कि उन्होंने अनुरोध किया था कि प्रतिमा को राम दरबार में स्थान दिया जाए।
महिला के अनुसार, प्रतिमा सौंपने के दौरान उन्हें बताया गया कि परिसर के अंदर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है। साथ ही आश्वासन दिया गया था कि बाद में प्रतिमा की तस्वीर और दान की रसीद उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि, कई वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें न तो कोई रसीद मिली और न ही यह जानकारी दी गई कि प्रतिमा का उपयोग कहां किया गया।अनीता भारद्वाज का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार पत्र लिखकर जानकारी मांगी, लेकिन उनकी ओर से किए गए प्रयासों का कोई जवाब नहीं मिला। अब राम मंदिर में चढ़ावे और दान की वस्तुओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह मामला भी चर्चा का विषय बन गया है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में मंदिर को दान की गई अन्य वस्तुओं और चांदी की शिलाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में काकभुशुंडि प्रतिमा का मामला दान में मिली वस्तुओं के रिकॉर्ड और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।



