नई दिल्ली। पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल बढ़ गई, जब BJP सांसद राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए इसे ‘यादगार सुबह’ बताया और प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत को ज्ञानवर्धक बताया। चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने पीएम मोदी के बहुमूल्य समय, सीख और मार्गदर्शन के लिए उनका आभार जताया। मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका पूरा विवरण सामने नहीं आया है। लेकिन पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस बैठक ने राजनीतिक अटकलों को जरूर हवा दे दी है।
क्या पंजाब में चड्ढा को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?
राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उन्हें पंजाब की राजनीति की अच्छी समझ रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। अप्रैल 2026 में उन्होंने छह अन्य AAP राज्यसभा सांसदों के साथ BJP में शामिल होने का फैसला किया था। इस घटनाक्रम से पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। अब BJP में आने के बाद चड्ढा की भूमिका को लेकर चर्चा तेज है। राजनीतिक विश्लेषणों में यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें पंजाब में चुनावी रणनीति या संगठन से जुड़ी कोई अहम जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि, BJP की ओर से फिलहाल चड्ढा को किसी नई जिम्मेदारी दिए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे अभी राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जा रहा है।
पंजाब चुनाव से पहले BJP की बढ़ी सक्रियता
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले BJP की राज्य में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात इसी राजनीतिक माहौल के बीच हुई है। चड्ढा की पंजाब में राजनीतिक पहचान और शहरी क्षेत्रों में उनकी पकड़ को देखते हुए BJP में उनके संभावित रोल को लेकर चर्चा हो रही है। अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे शहरी इलाकों में पार्टी के विस्तार के लिहाज से भी उनकी भूमिका पर नजर रहेगी। हालांकि, चुनावी नतीजों पर किसी नेता की भूमिका का कितना असर होगा, यह फिलहाल कहना जल्दबाजी होगी।
सुखबीर बादल से PM मोदी की मुलाकात ने भी बढ़ाया सस्पेंस
राघव चड्ढा की मुलाकात से एक दिन पहले शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद BJP और SAD के बीच पुराने गठबंधन की संभावित वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। BJP और SAD लंबे समय तक पंजाब की राजनीति में सहयोगी रहे हैं, लेकिन दोनों दलों के रिश्तों में बाद में दूरी आ गई थी। अब पीएम मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात ने संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दिया है।
क्या बदलने वाला है पंजाब का सियासी समीकरण?
एक तरफ राघव चड्ढा का BJP में आना और अब प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात, वहीं दूसरी तरफ सुखबीर बादल की पीएम से बैठक—इन दोनों घटनाक्रमों ने पंजाब की राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। क्या BJP राघव चड्ढा को पंजाब में कोई बड़ा चुनावी रोल देगी? क्या BJP और SAD के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ेंगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में राजनीतिक तस्वीर साफ होने के साथ मिल सकते हैं। फिलहाल इतना जरूर है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले BJP की रणनीति और राघव चड्ढा की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं।



