Sunday, May 17, 2026
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मोदी सरकार का कड़ा फैसला, अब मेक इन इंडिया के तहत

नयी दिल्ली। भारत सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन पर्सनल कंप्यूटर, अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर (USFF) कंप्यूटर और सर्वेर के आयात पर ‘अंकुश’ लगा दिया है. भारत सरकार के इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. किसी उत्पाद के आयात को अंकुश की श्रेणी में डालने का मतलब है कि उनके आयात के लिए लाइसेंस या सरकार की अनुमति अनिवार्य होगी. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने गुरुवार को जारी अधिसूचना में कहा कि शोध एवं विकास, परीक्षण, बेंचमार्किंग और मूल्यांकन, मरम्मत और वापसी तथा उत्पाद विकास के उद्देश्य से प्रति खेप अब 20 वस्तुओं तक आयात लाइसेंस की छूट रहेगी.

केंद्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बताया गया कि अब लैपटॉप और कंप्यूटर के आयात पर बैन (Laptops-Computers Import Ban) लग गया है. इस संबंध में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से सूचना भी दी गई है.  DGFT के मुताबिक, इन प्रतिबंधित आइटम्स के आयात के लिए वैध लाइसेंस के तहत अनुमति दी जाएगी. भारत सरकार हमेशा स्वदेशी नीति पर काम कर रही है. सरकार की मेक इन इंडिया पहल के बीच लिया गया ये एक बड़ा निर्णय है. 

देश में Make In India पर जोर दिया जा रहा है. जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि प्रतिबंध समय-समय पर संशोधित बैगेज नियमों के तहत आयात पर लागू नहीं होगा. दरअसल, भारतीय सीमा में प्रवेश करने या देश से बाहर जाने वाले प्रत्येक यात्री को सीमा शुल्क के तहत गुजरना पड़ता है. मेक इन इंडिया मुहिम के बीच में सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले से लोकल मैन्युफैक्चर्स के साथ ही ऐसी विदेशी कंपनियों को भी फायदा होगा, जो देश में यूनिट लगातार प्रोडक्शन कर लोकल सप्लाई और दूसरे देशों को ये सामान निर्यात कर रहे हैं. इसके अलावा इस कदम का असर इंडियन इकोनॉमी पर भी देखने को मिलेगा, क्योंकि ट्रेड डेफिसिट में कमी आएगी.

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