Mathura Boad Accident Update: मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी में नौका के पलटने की घटना के 2 दिन बाद रविवार सुबह 3 और शव बरामद किए गए, जिसके साथ ही मृतकों की संख्या 13 हो गई है. पुलिस के अनुसार, 3 लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है. बता दें कि वृंदावन में शुक्रवार को नौकाविहार के दौरान नौका के पलटने से उस पर सवार 10 लोगों की डूबकर मौत हो गई थी, जबकि 22 लोगों को समय रहते नाविकों और गोताखोरों ने बचा लिया था.
3 लोग अब भी लापता
पुलिस ने बताया कि शनिवार को घटना स्थल से एक किलोमीटर दूर देवराहा बाबा घाट के पास एक शव बरामद किया गया. अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने कहा, ‘रविवार सुबह घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर अक्रूर घाट के पास ऋषभ शर्मा और 1 किलोमीटर दूर देवराहा बाबा घाट के पास डिंकी बंसल का शव बरामद किया गया. अब तक इस नौका हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 13 हो गई है. उन्होंने बताया कि पंकज मल्होत्रा, यश भल्ला और मोनिका अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है.

तेज गति से चलाई जा रही थी नाव
पंजाब के जगराओं से 2 बसों में आए श्रद्धालु शुक्रवार दोपहर वृंदावन में यमुना नदी में नौकाविहार कर रहे थे. इनमें से अधिकांश श्रद्धालु दो नौकाओं में सवार होकर मांट क्षेत्र में स्थित देवराहा बाबा की समाधि के दर्शन के लिए नदी के दूसरे किनारे जा रहे थे. सूत्रों के अनुसार, एक नाव का मालिक और नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी नौका को तेज गति से चला रहे थे. बताया जाता है कि श्रद्धालुओं ने कई बार उससे गति कम करने को कहा, लेकिन उसने यह कहते हुए उनकी बात अनसुनी कर दी कि यह उनका रोज का काम है.

पुलिस ने बताया कि इसी दौरान नौका नदी में पीपा पुल के कुछ ढांचों से टकराकर पलट गई, जिससे सवार श्रद्धालु डूबने लगे. उनकी चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग, नाविक और गोताखोर मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया. हादसे के तुरंत बाद 10 शव निकाले गए थे, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया.
यमुना नदी को 7 सेक्टर में बांटकर की जा रही तलाश
अपर पुलिस अधीक्षक रावत ने बताया कि जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम भी लापता श्रद्धालुओं की तलाश में जुटी हैं. यमुना के तेज बहाव और घाटों पर अधिक गहराई के कारण खोज अभियान में दिक्कतें आ रही हैं. मांट क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक संदीप सिंह ने बताया कि केशी घाट से गोकुल बैराज तक यमुना नदी को 7 सेक्टर में बांटकर करीब 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पांडेय के निर्देश पर प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक-एक थाना प्रभारी को सौंपी गई है.
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