रिपोर्टर : मनोज अवस्थी
Maha Shivratri 2026 : जयपुर। इस साल महाशिवरात्रि पर 19 वर्षों के बाद अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है। 15 फरवरी को कुंभ राशि में सूर्य और राहु की उपस्थिति के साथ-साथ बुध और शुक्र की युति भी होगी। बुध-शुक्र की इस युति से ‘महालक्ष्मी योग’ का निर्माण हो रहा है, जो भक्तों पर शिवजी के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की कृपा भी बरसाएगा। इसके अलावा, लक्ष्मीनारायण योग के प्रभाव से आर्थिक बाधाएं दूर होंगी और कालसर्प व राहु दोष की शांति के लिए यह दिन सर्वोत्तम रहेगा। ज्योतिषाचार्य (डॉ.) महेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार शिव पूजा से जहां पापों का नाश होगा, वहीं धन-धान्य में भारी वृद्धि के योग बनेंगे। शुक्र और बुध के मिलन से बनने वाले महालक्ष्मी और लक्ष्मीनारायण योग का सबसे सकारात्मक प्रभाव 4 राशि के जातकों पर पड़ेगा। इन राशियों के लिए यह समय धन लाभ और सुख-समृद्धि लेकर आएगा।
भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह को समर्पित
ज्योतिषाचार्य (डॉ.) महेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह को समर्पित है। यह दिन शिव और शक्ति के एकाकार होने का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से रोग, भय और दुखों का नाश होता है। सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए महिलाएं विशेष रूप से महाशिवरात्रि के दिन व्रत और पूजा-पाठ करती हैं।

फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह को समर्पित है। यह दिन शिव और शक्ति के एकाकार होने का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से रोग, भय और दुखों का नाश होता है। सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए महिलाएं विशेष रूप से महाशिवरात्रि के दिन व्रत और पूजा-पाठ करती हैं।
बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे
ज्योतिषाचार्य (डॉ.) मिश्रा के अनुसार15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ग्रहों की स्थिति में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इस दिन मंगल, बुध और चंद्रमा का महत्वपूर्ण गोचर होने जा रहा है। दोपहर के समय जहां मंगल ‘धनिष्ठा’ नक्षत्र में कदम रखेंगे, वहीं चंद्र देव का प्रवेश ‘मकर’ राशि में होगा। इसके साथ ही, रात लगभग 9 बजे बुध देव ‘पूर्वाभाद्रपद’ नक्षत्र में गोचर करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से ग्रहों की यह जुगलबंदी इस अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली बना रही है।
वृषभ वालों को मानसिक तनाव से मुक्ति, वहीं कुंभ राशि में बनेंगे राजयोग
तीन राशि के जातकों को इस योग से विशेष लाभ मिलेगा। इसी कड़ी में वृषभ राशि वाले लोगों को मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। करियर में नए अवसर और बेहतर नौकरी मिलने के प्रबल संकेत हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और रिश्तों में प्रेम बढ़ेगा।
- कर्क राशि के अविवाहितों के लिए विवाह के योग बनेंगे। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी पुरानी समस्याओं या ऑपरेशनों में सफलता मिलने की संभावना है।
- तुला राशि वालों को कड़ी मेहनत का उचित फल मिलेगा। घरेलू मोर्चे पर खुशहाली रहेगी। बच्चों से जुड़ी शुभ सूचनाएं मिल सकती हैं और पारिवारिक बंधन मजबूत होंगे।
- कुंभ राशि में लक्ष्मीनारायण राजयोग बनने से धन प्राप्ति के नए मार्ग खुलेंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है और पुराने लक्ष्य आसानी से पूरे होंगे। छात्रों के लिए एकाग्रता बढ़ने का समय है।




