कोटा। राजस्थान के कोटा में पुलिसकर्मी के कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। झालावाड़ रोड पर जवाहर नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर डॉक्टर की पत्नी के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी करने का आरोप सहायक उप निरीक्षक (ASI) अरविंद सिंह हाड़ा पर लगा है। घटना शनिवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कराई गई है और मेडिकल टेस्ट भी करवाया गया है। डॉक्टर की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, वह अपनी पत्नी को दिखाने के लिए निजी अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल से बाहर निकलकर जब वे स्कूटी से जाने लगे, तभी पुलिस की 112 नंबर गाड़ी वहां पहुंची। आरोप है कि गाड़ी में मौजूद एएसआई ने उनकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया और गाली-गलौज की। घटना के बाद डॉक्टर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत करने की बात कही।
कोटा में निजी अस्पताल के बाहर क्या हुआ?
जानकारी के अनुसार, यह घटना कोटा शहर के झालावाड़ रोड स्थित जवाहर नगर थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल के बाहर हुई। डॉक्टर दुर्गा लाल गुर्जर अपनी पत्नी को चिकित्सकीय परामर्श दिलाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर के मुताबिक, अस्पताल से बाहर निकलने के बाद वे अपनी पत्नी के साथ स्कूटी पर बैठकर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान वहां पुलिस की 112 नंबर गाड़ी पहुंची। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि गाड़ी में मौजूद एएसआई अरविंद सिंह हाड़ा ने उनकी पत्नी से अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की। डॉक्टर का कहना है कि वे अपनी पत्नी को किसी अन्य चिकित्सक को दिखाने के संबंध में बात कर रहे थे। इसके बावजूद कथित तौर पर उनके परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया गया। घटना के दौरान डॉक्टर भी मौके पर मौजूद थे।
एसपी तेजस्विनी गौतम ने लिया एक्शन, ASI सस्पेंड
मामले की जानकारी सामने आने के बाद कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने कार्रवाई की। पुलिस उप अधीक्षक प्रथम मनीष शर्मा के अनुसार, घटना के तत्काल बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि एएसआई अरविंद सिंह हाड़ा की मूल पोस्टिंग बारां में है। कोटा रेंज के आईजी के निर्देश पर उसे कोटा सिटी में लाइन अटैच किया गया था। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर उसे निलंबित करवाया गया। पुलिस ने मामले में मेडिकल टेस्ट भी कराया है। हालांकि, मेडिकल जांच के निष्कर्षों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में एएसआई के नशे में होने संबंधी आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकेगी।
डॉक्टर ने वीडियो बनाने का किया दावा
डॉ. दुर्गा लाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान एएसआई ने उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज की। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया था। डॉक्टर के अनुसार, जब उनकी पत्नी ने बताया कि उनके पिता भी पुलिस विभाग में हैं, तब भी कथित दुर्व्यवहार नहीं रुका। उन्होंने यह भी कहा कि एएसआई से उसके थाने के बारे में पूछने पर उसे कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। हालांकि, वीडियो की सामग्री और उसमें दर्ज घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की गई है। जांच में वीडियो सहित अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
एसपी कार्यालय पहुंचे डॉक्टर, अधिकारियों ने दी कार्रवाई की जानकारी
घटना के बाद डॉक्टर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत देने की बात कही। उन्होंने बताया कि उनके ससुर भी झालावाड़ में सहायक उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी दी थी। डॉक्टर के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों से एएसआई के निलंबन की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आगे लिखित शिकायत नहीं दी। पुलिस की ओर से विभागीय जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में विभागीय जांच के निष्कर्ष और मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट से आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर फिर उठे सवाल
कोटा में सामने आया यह मामला पुलिसकर्मियों के आचरण और आम नागरिकों के साथ उनके व्यवहार को लेकर सवाल खड़े करता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों से अनुशासन और मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। फिलहाल इस मामले में एएसआई को निलंबित किए जाने और विभागीय जांच शुरू होने की जानकारी है। डॉक्टर की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में सभी संबंधित पक्षों के तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाना है।



