सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी क्षेत्र में पांचना बांध का पानी कमान क्षेत्र की नहरों में छोड़ने की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से चल रहा किसानों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के हस्तक्षेप और उनके ठोस आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन खत्म करने पर सहमति जताई।
कृषि मंत्री ने किसानों से 1 जुलाई तक का समय मांगा है और भरोसा दिलाया कि छह दिन के भीतर नहरों में पानी छोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना सुनिश्चित की जाएगी और दोनों पक्षों के किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
20 दिन से धरने पर बैठे थे किसान
दरअसल, गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में किसान पांचना बांध का पानी कमान क्षेत्र की नहरों में छोड़े जाने की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे थे। कई दौर की बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकल सका था, जिससे आंदोलन लगातार जारी रहा।
स्थिति को देखते हुए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा स्वयं मौके पर पहुंचे और अटैचमेंट एरिया तथा कमान एरिया के किसानों से अलग-अलग बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया। बातचीत के बाद दोनों पक्ष सहमत हुए और किसानों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
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1 जुलाई तक मांगा समय
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से 1 जुलाई तक का समय मांगते हुए भरोसा दिलाया कि छह दिन के भीतर नहरों में पानी छोड़ने की पूरी कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा समाधान चाहती है जिससे किसी भी क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय न हो और सभी को पानी का लाभ मिल सके।
हाईकोर्ट के आदेश की होगी पालना
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संघर्ष समिति के 11 सदस्यों की एक समिति बनाई जाएगी, जो सिंचाई विभाग के साथ समन्वय बनाकर आगे की प्रक्रिया पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाएगी ताकि तय समय के भीतर समाधान लागू किया जा सके।
भाईचारा बनाए रखने की अपील
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दोनों पक्षों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर किसी भी तरह का सामाजिक तनाव या टकराव नहीं होना चाहिए और सभी पक्ष आपसी सहमति से समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।
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अब सरकार के वादे पर टिकी निगाहें
करीब 20 दिनों तक चले इस आंदोलन के समाप्त होने के बाद अब किसानों की नजर सरकार के वादे पर टिकी है। यदि 1 जुलाई तक नहरों में पानी छोड़ दिया जाता है तो लंबे समय से चला आ रहा यह विवाद पूरी तरह समाप्त हो सकता है। फिलहाल क्षेत्र के किसान सरकार की आगामी कार्रवाई और तय समय सीमा में किए जाने वाले वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।



