JEE ADVANCED 2026 Topper: जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजे घोषित हो गए हैं. जिसमें 56 हजार से अधिक उम्मीदवार सफल रहे और बिहार के शुभम कुमार ने टॉप किया है. कबीर छिल्लर ने 329 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि जतिन चाहर 319 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. वहीं, आईआईटी दिल्ली जोन की ही अरोही देशपांडे शीर्ष रैंक पाने वाली छात्रा बनीं। उन्होंने 360 में से 280 अंक प्राप्त कर पूरे देश में 77वीं रैंक हासिल की।
शुभम कुमार ने बताया सफलता का राज
शुभम कुमार ने अपनी सफलता का राज सोशल मीडिया से दूरी, नकारात्मक खबरों से बचाव और लक्ष्य पर अटूट फोकस को बताया है. 360 में से 330 अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त करने वाले शुभम ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उनका पूरा ध्यान केवल पढ़ाई और अपने लक्ष्य पर रहा. मैं रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता था. तनाव महसूस होने पर 5 से 10 मिनट ध्यान करता था. परिवार, दोस्तों और शिक्षकों का सहयोग कठिन समय में सबसे बड़ी ताकत बनता है.’
कोटा में रहकर तैयारी करने वाले शुभम ने बताया कि उन्होंने मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल माता-पिता और शिक्षकों से संपर्क के लिए किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहे.
‘नकारात्मक खबरों से खुद को रखा दूर’
कोटा अक्सर छात्रों पर बढ़ते दबाव और आत्महत्या की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहता है, लेकिन शुभम ने कहा कि उन्होंने ऐसी नकारात्मक खबरों से खुद को दूर रखा. उनका मानना है कि कोटा का प्रतिस्पर्धी माहौल, अनुभवी शिक्षक और विशेष अध्ययन सामग्री छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करते हैं.
शुभम के पिता शिव कुमार बिहार के गया में हार्डवेयर व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं. परिवार ने उनकी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें बेटे की मेहनत पर पूरा भरोसा था.
कबीर छिल्लर भी सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने के पक्षधर
वहीं, जेईई एडवांस्ड 2026 में 329 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे कबीर छिल्लर भी सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने के पक्षधर हैं. गुरुग्राम निवासी कबीर ने कहा कि वह पढ़ाई को लेकर कभी तनाव नहीं लेते और मानसिक रूप से मजबूत रहने को सफलता का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं.
कबीर ने बताया कि वह Whatsapp और Instagram का यूज केवल पढ़ाई से जुड़ी चर्चाओं के लिए करते हैं. उनके पिता मोहित छिल्लर स्वयं आईआईटी से पढ़े हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं.
सफलता के पीछे सोशल मीडिया से दूरी को बताया बड़ी वजह
दिलचस्प बात यह रही कि देश के दोनों शीर्ष रैंकर्स की सफलता में एक जैसी बात नजर आई, दोनों ने सफलता के पीछे सोशल मीडिया से दूरी की बात कही. अब शुभम और कबीर दोनों का लक्ष्य आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना है. उनकी उपलब्धि लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.
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