Jal Jeevan Mission Scam: जल जीवन मिशन घोटाले में आरोपी पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने 13 अप्रैल तक एसीबी की रिमांड पर भेज दिया है. सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को एसीबी टीम ने दिल्ली में गिरफ्तार किया था. ACB ने सुबोध अग्रवाल को अदालत में पेश कर 14 अप्रैल तक रिमांड मांगा था. अब एसीबी भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क और शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी हासिल करेगी.
‘उम्मीद है कि न्याय होगा, सत्यमेव जयते’
अदालत में सुबोध अग्रवाल के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध किया. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को पुलिस रिमांड पर सौंप दिया. वहीं सुबोध अग्रवाल ने अदालत कक्ष के बाहर कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. उन्हें उम्मीद है कि न्याय होगा, सत्यमेव जयते.
क्या है पूरा मामला?
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गणपति ट्यूबवेल्स और श्याम ट्यूबवेल्स नामक कंपनियों ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर निविदा प्रक्रिया में जमा किए और PHED अधिकारियों से मिलीभगत करके करीब 960 करोड़ रुपए टेंडर हासिल किया. निविदा प्रक्रिया में एक विशेष शर्त से कंपनियों की पहचान उजागर हुई, जो अनुचित थी.
फरवरी में ACB 15 ठिकानों पर की थी छापेमारी
बता दें कि एसीबी ने इस साल 17 फरवरी को JJM घोटाला मामले में राजस्थान के 5 शहरों सहित झारखंड, बिहार और दिल्ली के 15 ठिकानों पर छापेमारी कर राज्य सरकार में जलदाय विभाग के 9 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था. तत्कालीन कांग्रेस सरकार में जलदाय मंत्री महेश जोशी को भी ईडी ने गिरफ्तार किया था लेकिन वह फिलहाल जमानत पर हैं.
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