जयपुर। जरा सोचकर देखिए. सुहावना मौसम है. सूरज अभी पूरी तरह ढला नहीं है. आप मावठा झील में नौकाविहार करते हुए आमेर किले का विहंगम दृश्य देख रहे हैं. जिस बोट में आप बैठे हैं उसमें राजस्थानी कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं. जिन्हें आप अपने कैमरे में रिकॉर्ड भी कर रहे हैं ! खुशी की बात यह है कि अब तक जैसा आप सोच रहे थे वह साकार हो गया। जयपुर के आमेर स्थित मावठा झील में सोमवार से पर्यटकों के लिए बोटिंग सेवा शुरू हो गई है, जिनका आनंद अब कोई भी पर्यटक उठा सकता है।

दरअसल, राजधानी जयपुर में टूरिज्म को आगे बढ़ाने की दिशा में राजस्थान पर्यटन विकास निगम की ओर से मावठा झील में बोटिंग की शुरुआत की गई है। RTDC के तकनीकी निदेशक माधव शर्मा ने बताया कि बोटिंग सेवा का संचालन अनुबंध के तहत जसराज इंफ्रा को सौंपा गया है। इस पहल से आमेर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण भी जुड़ गया है। जसराज इंफ्रा के कपिल कच्छावा ने बताया कि अभी यहां पर्यटकों के लिए 20 बोट उपलब्ध रहेंगी, ये सभी इको-फ्रेंडली हैं जिनमें 2 बोट सुरक्षा की दृष्टि से तैनात रहेंगी, जो रेस्क्यू के लिए पेट्रोल से चलने वाली रखी गई हैं। अब पर्यटक यहां से आमेर महल को बीचों-बीच से देख पाएंगे। मावठा झील में प्री-वेडिंग शूट भी किए जा सकेंगे और केसर क्यारी को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा।

जयपुर के कलाकारों को मिलेगा नया मंच
कच्छावा ने बताया कि 25 मार्च तक पार्किंग एरिया की तरफ से भी मावठे में जेटी लगा दी जाएगी और वहां से भी बोटिंग शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जयपुर में पहली बार 30 सीटर स्पेशल बोट्स भी लाई जाएंगी, जिनमें 25 टूरिस्ट और 5 कलाकार आसानी से बैठ सकेंगे। विशेष रूप से डिजाइन की गई इस नाव में राजस्थानी कलाकार अपनी लाइव प्रस्तुतियां देंगे। इसके लिए जयपुर से राजस्थानी की विभिन्न कलाओं में पारंगत 10 लोक कलाकारों को हायर कर लिया गया है।
पर्यटकों के लिए नया आकर्षण का केन्द्र
कंपनी के प्रोजेक्ट हेड सुमित सिंह ने बताया मावठा झील में पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार की बोटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें शिकारा बोट, पैडल बोट, स्पीड बोट और एक्वा साइकिल जैसे विकल्प शामिल हैं। कंपनी प्रदेश के जोधपुर सूरसागर और पोखरण रामदेवरा में भी बोटिंग सेवाएं दे रही है। हम पेंडुलम बोट भी लेकर आएंगे, जिसमें राजस्थान की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। शिकारा बोट में बैठकर पर्यटक शांत वातावरण में सुकून भरी सैर का आनंद ले सकेंगे, वहीं स्पीड बोट रोमांचकारी रहेगी।
पर्यटकों के साथ लोक कलाकार भी करेंगे सफर
आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि आमेर के पर्यटन में नया अध्याय बोटिंग के रूप में जुड़ गया है। आमेर हमेशा से पर्यटकों के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन रहा है। पिछले कई सालों से यहां बोटिंग की मांग रखी जा रही थी, जो पूरी हो गई है। मावठे में जिस तरह की नावें हैं उनमें पर्यटकों के साथ कलाकार सफर करेंगे और संगीतमय प्रस्तुति भी देंगे। आने वाले दिनों में केसर क्यारी के फव्वारों की हाइट बढ़ाने को लेकर प्रयास रहेगा, ताकि बोटिंग करते हुए पर्यटकों को आमेर की खूबसूरती का नया एहसास हो सके।

बच्चों को मिलेगी बोटिंग शुल्क में छूट
जानकारी के अनुसार बोटिंग शुल्क में बच्चों को विशेष छूट दी जाएगी। इसमें 3 से 8 वर्ष तक के बच्चों को टिकट शुल्क का 50 प्रतिशत शुल्क देना होगा। जबकि 3 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
ये गणमान्य लोग भी रहे उपस्थित
मावठे पर आयोजित बोटिंग शुभारम्भ कार्यक्रम में संत सर्वनंदन दास स्वामी (कोठारी, अक्षरधाम), शक्ति सिंह बांदीकुई (प्रबंध निदेशक, यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन),प्रदीप सिंह कच्छावा (प्रबंध निदेशक, जसराज इंफ्रा) और संदीप सिंह गुड़ा (निदेशक, जसराज इंफ्रा) भी शामिल हुए।
बोटिंग के लिए ये रहेगा टिकट शुल्क





