Iran US Talks : दुबई। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव में अब नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत का समर्थन करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। यह बयान देश के सरकारी मीडिया ने बृहस्पतिवार देर रात प्रसारित किया, जिसमें खामेनेई के शब्दों को विस्तार से पढ़कर सुनाया गया।
ईरान संवाद के रास्ते खोलने को तैयार : खामेनेई
खामेनेई ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाली आमने-सामने की वार्ता का अर्थ यह नहीं होगा कि ईरान किसी दबाव या विरोधी देश की नीतियों को स्वीकार कर रहा है। उन्होंने कहा, यह स्पष्ट है कि भविष्य में होने वाली आमने-सामने की वार्ता का अर्थ दुश्मन का रुख स्वीकार करना नहीं होगा। उनके इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि यह संकेत देता है कि ईरान संवाद के रास्ते खोलने को तैयार है, हालांकि अपनी शर्तों और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
यह पहली बार है जब हाल में हुए उस समझौते पर खामेनेई की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसके तहत ईरान और अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। माना जा रहा है कि यह समझौता मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच संवाद की बहाली से क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई हाल के युद्ध की शुरुआत में हुए एक हमले में घायल हो गए थे, जिसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से कम ही नजर आए हैं। उनकी अनुपस्थिति के चलते ईरान की राजनीतिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐसे में उनका यह बयान राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
इसी बीच, अमेरिका की ओर से भी एक बड़ा कदम सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने ईरानी पोतों की आवाजाही पर लगाई गई नाकेबंदी को औपचारिक रूप से हटा लिया है। यह निर्णय समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय आवागमन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



