जयपुर। देश के हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़े प्रमुख नीति-निर्माता, अस्पताल प्रमुख, चिकित्सक, नर्सिंग लीडर्स, स्वास्थ्य प्रशासक और उद्योग विशेषज्ञ 18 और 19 सितंबर को जयपुर में जुटेंगे। Association of Healthcare Providers (India) यानी AHPI की ओर से होटल मैरियट में AHPI National Leadership Summit 2026 का आयोजन किया जा रहा है।
इस बार समिट की थीम “Sustainable Healthcare Leadership: Balancing Quality, Cost & Trust” रखी गई है। यानी स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर गुणवत्ता, बढ़ती लागत और मरीजों के भरोसे के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए, इस पर मंथन होगा।
बढ़ती लागत बनाम बेहतर इलाज
स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत और कुशल मानव संसाधन की कमी के बीच अस्पतालों के सामने बड़ी चुनौती गुणवत्तापूर्ण इलाज को बनाए रखना है। समिट में बदलती तकनीक, मरीजों की बढ़ती अपेक्षाओं और स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति भरोसा बनाए रखने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
AHPI के चेयरमैन डॉ. विकास स्वरांकर ने कहा कि स्वास्थ्य नेतृत्व केवल संस्थान के विस्तार तक सीमित नहीं है। गुणवत्ता और इलाज को बनाए रखने के साथ मरीजों का विश्वास कायम रखना भी उतना ही जरूरी है।
अस्पतालों में AI और डिजिटल हेल्थ
समिट में स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी और डिजिटल हेल्थ के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम में ABDM और NHCX जैसे डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म से जुड़े विषय भी शामिल हैं।
मानव संसाधन पर भी फोकस
समिट के पहले सत्र का विषय “Human Resources – The Backbone of Sustainable Hospitals” होगा। यानी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता और कुशल मानव संसाधन को टिकाऊ अस्पताल व्यवस्था की रीढ़ के तौर पर देखा जाएगा।
19 सितंबर को विजन 2047 पर चर्चा
समिट के दूसरे दिन भारत की दीर्घकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा होगी। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वी.के. पॉल “Vision for Viksit Bharat 2047” विषय पर संबोधन देंगे। आयोजन में स्वास्थ्य क्षेत्र के कई प्रमुख विशेषज्ञ और संस्थानों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।



