नई दिल्ली। गौतम गंभीर को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच हरभजन सिंह ने उनका खुलकर समर्थन किया है। हरभजन का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आता कि जब टीम खराब प्रदर्शन करती है तो हर बार कोच को ही निशाने पर क्यों लिया जाता है। हरभजन ने गंभीर के स्वभाव की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपने खेल के दिनों से ही बेहद जुनूनी रहे हैं और टीम को हमेशा व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखते हैं।
गौतम गंभीर के समर्थन में बोले हरभजन
हरभजन ने गंभीर के व्यक्तित्व पर बात करते हुए कहा कि वह सीधे तौर पर अपनी बात रखने वाले इंसान हैं। उनके मुताबिक गंभीर की बातें कुछ लोगों को कड़वी लग सकती हैं, लेकिन वह सच बोलते हैं और कई लोगों को सच स्वीकार करना मुश्किल लगता है। हरभजन ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के सार्वजनिक व्यवहार के आधार पर उसके पूरे व्यक्तित्व का आकलन करना सही नहीं है। उन्होंने गंभीर को शानदार इंसान बताया और कहा कि उन्हें क्रिकेट को लेकर अच्छी समझ है।
गंभीर की कोचिंग में भारत ने जीते बड़े खिताब
गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार सफलता हासिल की है। भारत ने उनके कार्यकाल में ICC Champions Trophy 2025, Asia Cup 2025 और ICC T20 World Cup 2026 अपने नाम किए हैं। ICC के अनुसार 2026 टी20 विश्व कप जीत भारत का तीसरा टी20 विश्व कप खिताब था और लगातार दूसरा खिताब था। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ निराशाजनक नतीजों के कारण गंभीर की रणनीति पर सवाल भी उठे हैं।
शुभमन गिल को लेकर भी हरभजन ने दिया समर्थन
हरभजन सिंह ने भारत के नए टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी युवा कप्तान को सफल होने के लिए समय देना जरूरी है और सफलता रातोंरात नहीं मिलती। हरभजन ने इंग्लैंड में खेली गई टेस्ट सीरीज का उदाहरण देते हुए गिल की कप्तानी और बल्लेबाजी की तारीफ की। भारत ने उस सीरीज को 2-2 से ड्रॉ कराया था और गिल ने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया था। हालिया रिपोर्टों में भी गिल की उस सीरीज में नेतृत्व और बल्लेबाजी को उनके कप्तानी सफर के महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर बताया गया है।
‘गिल के करियर में उतार-चढ़ाव आएंगे’
हरभजन का मानना है कि गिल के करियर में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है, लेकिन उनके पास क्रिकेट की अच्छी समझ और बेहतरीन प्रतिभा है। उन्होंने युवा कप्तान को समय देने की जरूरत पर जोर दिया। गिल के वनडे कप्तान बनने के बाद टीम के नतीजों को लेकर सवाल जरूर उठे हैं, लेकिन हरभजन को भरोसा है कि आने वाले समय में गिल एक सफल कप्तान साबित हो सकते हैं।
गंभीर की सोच से मेल खाती है गिल की कप्तानी?
हरभजन के मुताबिक गंभीर जीत के लिए पूरी कोशिश करते हुए मिली हार को स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन जीत की कोशिश किए बिना सिर्फ ड्रॉ के इरादे से मैदान पर उतरना उन्हें पसंद नहीं आएगा। गंभीर की यह आक्रामक सोच सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम की हालिया सफलता के साथ भी जुड़ी रही है। 2026 टी20 विश्व कप के बाद गंभीर ने खुद हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड क्रिकेट को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बताया था।



