Hormuz Strait Crisis: नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बुधवार को कहा कि सरकार पश्चिम एशिया में तेजी से बदलती स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि नाविकों और समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तंत्र सक्रिय कर दिए गए हैं। पश्चिम एशिया इस समय सैन्य उथल-पुथल का सामना कर रहा है, जहां अमेरिकी और इजराइली बल ईरान के खिलाफ युद्धरत हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जो जहाजों के लिए एक प्रमुख मार्ग है। शनिवार को अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद से युद्ध और तेज हो गया है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को फारस की खाड़ी में मौजूदा सुरक्षा माहौल का आकलन करने और भारतीय समुद्री संपत्तियों एवं कर्मियों पर इसके प्रभावों की जांच के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।उन्होंने कहा, ”हम बदलती स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और अपने नाविकों की सुरक्षा एवं कल्याण और अपनी समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमने सभी आवश्यक निगरानी और समन्वय तंत्र को सक्रिय कर दिया है। हम संबंधित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं और किसी भी घटनाक्रम पर तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने कहा कि सरकार अपने नाविकों और समुद्री हितधारकों के साथ मजबूती से खड़ी है। सोनोवाल ने कहा कि उनका मंत्रालय भारतीय जहाजों और कर्मियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक परिचालन और राजनयिक उपाए करने तथा मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है।




