कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर एक बड़े संयुक्त अभियान में रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस ने 163 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया। ये बच्चे बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे थे। अधिकारियों ने रविवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की।
जानकारी के मुताबिक, पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में सफर कर रहे इन बच्चों पर सुरक्षाकर्मियों को पहले से ही संदेह था। खुफिया सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने ऑपरेशन शुरू किया, जो देर रात तक चलता रहा। ट्रेन के कटनी स्टेशन पहुंचते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद टीम ने कोचों की तलाशी ली और बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया। इस दौरान पूरे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी बच्चे 6 से 13 वर्ष की आयु के हैं और उन्हें बिहार के अररिया इलाके से महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था। अधिकारियों को यह भी पता चला है कि इन बच्चों को मजदूरी के लिए ले जाने की आशंका है, हालांकि पूरे मामले की जांच जारी है। बच्चों की स्थिति को देखते हुए मेडिकल जांच भी कराई जा रही है।
इस दौरान आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जो बिना वैध टिकट और जरूरी दस्तावेजों के यात्रा कर रहे थे। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो नाबालिगों की तस्करी से जुड़ी है और जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।
अधिकारियों ने बताया कि बाल कल्याण समिति से पहले ही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। बचाए गए बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क स्थापित करने की कोशिशें जारी हैं।
फिलहाल कुछ बच्चों को कटनी में ही रखा गया है, जबकि अन्य को जबलपुर स्थित बाल संरक्षण इकाइयों की निगरानी में भेजा गया है। प्रशासन ने कहा है कि सभी बच्चों की पहचान और उनके यात्रा के उद्देश्य की पुष्टि की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।



