जयपुर। रितु बराला मामले में जयपुर पुलिस और कांग्रेस के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। जयपुर पुलिस ने रितु बराला के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया है। पुलिस की ओर से इस संबंध में कांग्रेस को लिखित में सूचना भी दी गई। इसके बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर चल रहा कांग्रेस का धरना समाप्त कर दिया गया।
हालांकि, इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। डोटासरा ने आरोप लगाया कि जयपुर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) का गलत विवेचन किया है। उनका कहना है कि पुलिस ने कानूनी प्रावधानों की गलत व्याख्या करते हुए जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया है।
डोटासरा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मामले को यहीं समाप्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अब पुलिस के खिलाफ भी अदालत के माध्यम से मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करना न्याय की प्रक्रिया में बाधा पैदा करता है।
रितु बराला मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर पुलिस के लिखित जवाब के बाद कांग्रेस ने अपना धरना समाप्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने का ऐलान किया है।
अब इस पूरे मामले में सबकी निगाहें अदालत की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से पुलिस के खिलाफ अगला कानूनी कदम क्या उठाया जाता है और इस विवाद में आगे क्या घटनाक्रम सामने आता है।



