जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि उच्च शिक्षा में “सुधरो नहीं तो बंद करो” नीति पर कार्य किया जाएगा। राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता पर कहीं कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे शिक्षण संस्थान जिनके पास शैक्षिक गुणवत्ता नहीं है, उसे बंद किया जाए। बगैर अनुमति यदि कहीं किसी कॉलेज या शिक्षण संस्था की विश्वविद्यालय स्तर पर मान्यता दी गई है तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। राज्य में स्कूल से उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए अधिक से अधिक प्रयास हों, क्योंकि शिक्षा ही विकास की नींव है। राज्यपाल बागडे बुधवार को लोकभवन में कुलगुरु समन्वय समिति की बैठक में संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि नेक रैंकिंग के लिए विश्वविद्यालयों में आ रही बाधाओं को दूर किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयवार कुलगुरुओं से नेक में आ रही अड़चनों के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शैक्षिक गुणवत्ता, पाठयक्रम और शिक्षण पद्धति में नवाचार से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें। राज्य सरकार स्तर से जुड़ी भर्ती और वित्तीय स्वीकृतियां से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी पूरा करने का जल्द प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से विश्वविद्यालय स्वीकृतियों से जुड़े मसलों पर त्वरित और समुचित निर्णय किए जाने के भी निर्देश दिए। कहीं किसी स्तर पर फाइलों को अनिर्णय की स्थिति में नहीं रखा जाए। विश्वविद्यालय ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिसमें पुस्तकों से बाहर के ज्ञान, कलाओं, संस्कृति के बारे में माह में दो बार या सप्ताह में एक बार विद्यार्थी अध्यापक संवाद की शुरुआत की जाए। उन्होंने पुस्तकों से लुप्त, महत्वपूर्ण भारतीय इतिहास, हमारी ज्ञान परंपरा, महत्वपूर्ण विषयों को विश्वविद्यालयों में दीवार चयनित कर वहां प्रदर्शित किए जाने के भी निर्देश दिए। शिक्षा में संवाद जरूरी है।
दीक्षांत समारोह का खर्चा कम से कम हो
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को दीक्षांत समारोह प्रति वर्ष आयोजित किए जाने और उसे कम से कम खर्च में संपन्न किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही विश्वविद्यालय में महालेखाकार ऑडिट भी हर वर्ष कराने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालयों की ओर से गांव गोद लेकर उनके विकास के लिए कार्यों को प्राथमिकता से करने की बात कही। साथ ही, तकनीकी विश्वविद्यालयों द्वारा गांवों में कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण प्रारम्भ करने के भी निर्देश दिए।
विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती होगी
उप मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि नेक रैंकिंग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों का रोस्टर बनाकर उन्हें भरने की कार्यवाही जल्द की जाएगी। विश्वविद्यालयों में पेंशन और अन्य आवश्यक सुविधाओं, भवन आदि के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री स्तर पर चर्चा कर सकारात्मक कार्यवाहीं किए जाने का विश्वास दिलाया। उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने विश्वविद्यालयों में ग्लोबल टेलेंट रिटर्न स्कीम, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, रिक्त पद भरने, कौशल विकास के बारे में की जा रही कार्यवाही के बारे में जानकारी दी।आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार, पशुपालन विभाग के सचिव डॉ.समित शर्मा, वित्त विभाग की सचिव टीना सोनी, चिकित्सा शिक्षा विभाग के ललित कुमार, समाज कल्याण विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने भी विचार रखे। राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने विश्वविद्यालयों के स्तर पर गुणवत्ता सुधार, नई शिक्षा नीति लागू करने के बारे में जानकारी दी। शुरुआत में राज्य के वित्तपोषित विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं ने अपने-अपने यहां किए जा रहे नवाचारों, नेक एक्रेडिटेशन, नई शिक्षा नीति को लागू किए जाने के सम्बन्ध में की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया।




