जयपुर। राजस्थान में आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनके परिवार से जुड़ी प्रॉपर्टी खरीद की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद सियासी और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस मामले को लेकर CJP नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने शिखर अग्रवाल से जुड़ी रिपोर्ट साझा करते हुए ढोल का बाढ़ जंगल बचाओ आंदोलन के दौरान हुए घटनाक्रम को याद किया और आरोप लगाया कि उन्हें अधिकारियों के दफ्तर के बाहर चार घंटे तक इंतजार कराया गया था।
प्रॉपर्टी रिपोर्ट सामने आने के बाद पुराना मामला चर्चा में
एक मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएएस शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी आईपीएस प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने करीब ढाई साल के दौरान एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इन संपत्तियों को खरीदने के बाद कंपनी को 1.80 करोड़ रुपये सालाना की लीज पर दिया गया।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि उन्हें शिखर अग्रवाल का रवैया याद है। रांका के मुताबिक, ढोल का बाढ़ जंगल को बचाने के लिए किए गए अपने पहले विरोध-प्रदर्शन के दौरान वे अधिकारियों के कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्हें चार घंटे तक इंतजार कराया गया। इसके बाद, उनके आरोप के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा।
क्या है ढोल का बाढ़ जंगल आंदोलन?
जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में स्थित करीब 105 एकड़ के हरित क्षेत्र को बचाने के लिए ढोल का बाढ़ जंगल आंदोलन चलाया गया था। पर्यावरण प्रेमियों ने आरोप लगाया था कि इस प्राकृतिक हरित क्षेत्र को खत्म कर वहां मॉल, मंडपम और अन्य इमारतें बनाने की योजना थी। इसी के विरोध में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था।
कौन हैं शिखर अग्रवाल और आशुतोष रांका?
शिखर अग्रवाल राजस्थान कैडर के 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। वे उद्योग, एमएसएमई और रीको से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर आईपीएस अधिकारी हैं।
वहीं, CJP नेता आशुतोष रांका जमानत पर रिहा होने के बाद फिलहाल विरोध-प्रदर्शनों से दूर हैं। संगठन ने भी प्रदर्शनों पर विराम लगाया हुआ है। हालांकि, सोशल मीडिया के जरिए संगठन के नेता विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल, प्रॉपर्टी खरीद से जुड़े दावों और आशुतोष रांका के पुराने आरोपों को लेकर चर्चा जारी है।



