चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में पुलिस ने अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत में संचालित एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। डूंगला थाना क्षेत्र के कासरना गांव से गुर्जनियां रोड पर खेत में बने मकान में चल रही इस फैक्ट्री से करीब 15 क्विंटल बारूद, हजारों की संख्या में तैयार पटाखे और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने मौके से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को डिटेन किया गया है। मामले में फैक्ट्री के कथित मास्टरमाइंड को भी नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, खेत में बने मकान में बिना आवश्यक अनुमति के विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया जा रहा था। इसी जगह पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम भी चल रहा था। पुलिस ने मौके से तैयार पटाखों के साथ बारूद, पटाखों की खाली नलियां, सुतली, बत्तियां, रासायनिक सामग्री और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान को जब्त किया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, जिला विशेष टीम (DST) चित्तौड़गढ़ के प्रभारी एएसआई सूरज कुमार को सूचना मिली थी कि कासरना से गुर्जनियां जाने वाले रास्ते पर हिम्मत सिंह राजपूत के खेत में बने मकान में भारी मात्रा में बारूद, गंधक और पटाखे बनाने की सामग्री रखी गई है। सूचना की पुष्टि के बाद डीएसटी और डूंगला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान मकान के अंदर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और तैयार पटाखे मिले। पुलिस के मुताबिक, खेत गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर सुनसान स्थान पर स्थित है, जहां कथित तौर पर चोरी-छिपे पटाखे तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से मिली सामग्री को जब्त कर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू कर दी है।
15 क्विंटल बारूद समेत पटाखे बनाने का सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की। जब्त सामान में शामिल हैं:
- तैयार सुतली बम पटाखों से भरे 3 प्लास्टिक कट्टे।
- तैयार नलियों वाले बारूदी पटाखों के 9 कट्टे।
- बारूद से भरे 14 कट्टे और 2 कार्टन।
- सुतली के 11 कट्टे, जिनमें प्रत्येक में 6 गठान बताई गई हैं।
- खाली पटाखा नलियों के 25 कट्टे।
- पीले पाउडर, गोंद, बत्तियों और पेस्ट से संबंधित सामग्री के 15 कट्टे।
- प्लास्टिक टब और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले रैपर।
पुलिस ने कुल बरामद विस्फोटक सामग्री की मात्रा करीब 15 क्विंटल बताई है। जब्त सामग्री की प्रकृति, मात्रा और उसके उपयोग को लेकर जांच की जा रही है।
बड़ा हादसा होने की आशंका, सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
पुलिस के अनुसार, खेत में बने मकान में बिना आवश्यक अनुमति के बारूद का भंडारण किया गया था और वहीं पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एक स्थान पर रखे जाने से गंभीर हादसे का खतरा पैदा हो सकता था। यदि वहां विस्फोट हो जाता, तो आसपास के क्षेत्र में जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई थी, पटाखे किसे बेचे जाने थे और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश और गुजरात के रहने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के हरदा और बुरहानपुर जिलों तथा गुजरात के एक क्षेत्र के निवासी शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार बताए गए हैं:
- प्रवेश पुत्र देवेंद्र नागले, निवासी रेटा खुर्द, जिला हरदा, मध्य प्रदेश।
- आदिल खान पुत्र हयात खां, निवासी रेटा खुर्द, जिला हरदा, मध्य प्रदेश।
- देवेंद्र नागले पुत्र कैलाशचंद्र, निवासी रेटा खुर्द, जिला हरदा, मध्य प्रदेश।
- रविंद्र पुत्र बाबू संखपाल, निवासी छोटा बोरगांव, जिला बुरहानपुर, मध्य प्रदेश।
- करण पुत्र फकीरा संखपाल, निवासी छोटा बोरगांव, जिला बुरहानपुर, मध्य प्रदेश।
- बाबू पुत्र पूनम संखपाल, निवासी छोटा बोरगांव, जिला बुरहानपुर, मध्य प्रदेश।
- संतोष पुत्र सुधाकर मसाने, निवासी बड़ा जैनाबाद, जिला बुरहानपुर, मध्य प्रदेश।
- रोहित पुत्र रमणभाई भाटिया, निवासी मांडेर, डीवा, गुजरात।
- अरमान पुत्र सिकंदर खान, निवासी हरदा, मध्य प्रदेश।
इनके अलावा पुलिस ने दो नाबालिगों को भी डिटेन किया है। नाबालिगों की पहचान और उनके संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी।
फैक्ट्री के मास्टरमाइंड की भूमिका की जांच
पुलिस ने इस अवैध पटाखा फैक्ट्री के कथित मास्टरमाइंड को भी मामले में नामजद किया है। अब जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फैक्ट्री का संचालन किसके निर्देश पर हो रहा था और तैयार पटाखों की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जानी थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कारोबार के लिए कच्चा माल और रासायनिक सामग्री कहां से जुटाई जाती थी तथा इसमें कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल था या नहीं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आगे की जांच जारी
डीएसटी चित्तौड़गढ़ और डूंगला थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद जब्त विस्फोटक सामग्री और पटाखों के संबंध में जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अवैध भंडारण, पटाखा निर्माण और सप्लाई से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल इस मामले में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी और दो नाबालिगों को डिटेन किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच पूरी होने के बाद ही अवैध फैक्ट्री के संचालन, सप्लाई नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



