केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर चल रहे बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ देशभर में बड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान सहित 16 राज्यों में एक साथ 80 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई।यह कार्रवाई ऑपरेशन चक्र-6 के तहत की गई, जिसमें 60 विशेष टीमों को शामिल किया गया था। इस दौरान चेन्नई और कोलकाता से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
CBI की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह शेल कंपनियों और म्यूल बैंक खातों के जरिए करीब 2 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर कर रहा था। एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क भारत के साथ-साथ विदेशों में भी लोगों को निशाना बना सकता है।जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से मिलता-जुलता एक फर्जी डोमेन तैयार किया था। इसी फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल कर लोगों को डराया जाता था और उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” का झांसा देकर ठगी की जाती थी।
गिरोह अदालतों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर फर्जी आदेश और दस्तावेज बनाकर पीड़ितों पर दबाव बनाता था। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की शिकायत के बाद CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी।छापेमारी के दौरान कई डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन, दस्तावेज और बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच जारी है।



