नागौर। ऐतिहासिक नागौर किले की परकोटा दीवारों और ढाल क्षेत्र के आसपास किए गए अतिक्रमणों पर बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में जिला प्रशासन ने भारी पुलिस जाब्ते, जेसीबी मशीनों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया।कार्रवाई के दौरान नागौर उपखंड अधिकारी गोविंद सिंह भींचर, तहसीलदार, नगर परिषद की टीम, जोधपुर राजदरबार प्रबंधन के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारियों सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।उपखंड अधिकारी गोविंद सिंह भींचर ने बताया कि नागौर किले की दीवारों के पीछे और ढाल क्षेत्र में कई दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार के निर्देशन में गठित समिति ने ऐसे सभी अतिक्रमणों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया, जिसके बाद हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।उन्होंने कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए किले की ढाल में जलभराव और संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को भी ध्यान में रखा गया है। अतिक्रमण के कारण बरसाती पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जनहानि और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा था।
प्रशासन ने बताया कि शिवबाड़ी क्षेत्र तक पानी की सुचारू निकासी के लिए नालों की सफाई के साथ एक बड़े नाले के निर्माण की योजना भी तैयार कर ली गई है। इससे बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिलने और आमजन को बाढ़ जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।धरोहर संरक्षण के साथ जल निकासी व्यवस्था होगी मजबूतप्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागौर किले जैसी ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा, सौंदर्य संरक्षण और शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। कार्रवाई के दौरान कई अतिक्रमणों को हटाया गया और आगे भी अभियान जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।



