Rajasthan Pregnant Women Deaths: राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के बढ़ते मामलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि महिलाओं की मौतें बेहद भयावह और चौंकाने वाली हैं तथा यह राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में गहराते संकट को दर्शाती हैं.
गहलोत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पिछले एक सप्ताह के दौरान राजस्थान के भीलवाड़ा और बांसवाड़ा जिलों के दो सरकारी अस्पतालों के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में शल्य चिकित्सा कराने वाली 8 महिलाओं और एक नाबालिग की मौत हो गई.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने बयान में कहा, ‘ राज्य में प्रसूताओं की मौत के बढ़ते मामले बेहद भयावह, चौंकाने वाले हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में गहराते संकट को दर्शाते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘अब बांसवाड़ा में 4 महिलाओं की मौत के बाद दो महीनों में 18 मौतों की खबरें सामने आई हैं. सरकार की जवाबदेही का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है.’
‘संकट से निपटना सरकार की क्षमता से बाहर’
प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि सरकार इस संकट से निपटने में विफल रही है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इस संकट से निपटना, गर्भवती महिलाओं की जान बचाना और स्वास्थ्य व्यवस्था में लोगों का भरोसा बहाल करना इस सरकार की क्षमता से बाहर है. असंवेदनशीलता और जवाबदेही की कमी हालात को और खराब कर रही है.’
तत्काल केंद्र के दखल की मांग की
गहलोत ने कहा कि आगे और मौतों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘मैंने कल ही मांग की थी कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम राजस्थान भेजी जाए. केंद्र सरकार को इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए, अन्यथा और लोगों की जान जा सकती है.’ गौरतलब है कि इससे पहले बीकानेर, जोधपुर और कोटा के सरकारी अस्पतालों से भी प्रसूताओं की मौत के मामले सामने आ चुके हैं.
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