सिरोही। राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माउंट आबू को नया नाम ‘आबूराज’ देने की घोषणा की गई है। इस घोषणा के साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए करीब 36 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इस फैसले को क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि आबू क्षेत्र का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है और इसका उल्लेख विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक संदर्भों में मिलता है। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर यह मांग उठती रही थी कि इस स्थान को उसकी पारंपरिक पहचान के अनुरूप नाम दिया जाए। इसी पृष्ठभूमि में ‘आबूराज’ नाम प्रस्तावित किया गया है। घोषित विकास योजनाओं में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था को मजबूत करना, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का विकास और स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का उन्नयन शामिल है।
प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र प्रमुख हिल स्टेशन है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। नाम परिवर्तन की घोषणा के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जोड़ा है।
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के बदलावों के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आवश्यक अनुमोदनों को पूरा किया जाना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी स्थान का नाम बदलने की प्रक्रिया में कई प्रशासनिक और कानूनी चरण शामिल होते हैं। इसलिए अंतिम निर्णय से पहले संबंधित विभागों की स्वीकृति और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
फिलहाल नाम परिवर्तन की घोषणा और विकास कार्यों की सौगात ने आबू क्षेत्र को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र के विकास और पर्यटन उद्योग को नई दिशा मिलेगी।



