नई दिल्ली। इबोला वायरस के बढ़ते वैश्विक खतरे के बीच भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एयर सुविधा 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की संयुक्त पहल के तहत शुरू किया गया यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म देश के प्रवेश बिंदुओं पर स्वास्थ्य जांच को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
एयर सुविधा 2.0 पूरी तरह से कॉन्टैक्टलेस और पेपरलेस प्रणाली पर आधारित है। इसके माध्यम से विदेश से आने वाले यात्री अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। यात्रियों को भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरने की सुविधा दी गई है, जिससे एयरपोर्ट पर जांच प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित हो सकेगी। सरकार का मानना है कि यह पोर्टल संभावित जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान करने में मदद करेगा। नई प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि स्वास्थ्य विभाग, इमिग्रेशन अधिकारियों और निगरानी एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय स्थापित हो सके।
इससे किसी भी संदिग्ध मामले पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। हाल के महीनों में कई देशों में इबोला संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी को देखते हुए भारत ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक यात्रा के बढ़ते दायरे को देखते हुए शुरुआती स्तर पर स्क्रीनिंग और निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है।
एयर सुविधा 2.0 के लागू होने से यात्रियों को लंबी कतारों और कागजी प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है। डिजिटल सत्यापन के जरिए अधिकारियों को यात्रियों की जानकारी पहले से उपलब्ध रहेगी, जिससे इमिग्रेशन और स्वास्थ्य जांच दोनों में तेजी आएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एहतियाती उपाय के रूप में उठाया गया है। फिलहाल देश में स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। एयर सुविधा 2.0 को भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



