नई दिल्ली: देश में मानसून इस समय अलग-अलग रंग दिखा रहा है। जहां उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज है, वहीं कुछ हिस्सों में अब भी गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पहाड़ी इलाके जैसे हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार मानसून ट्रफ सक्रिय बनी हुई है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों तक पहुंच रही हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने असम और मेघालय के कई हिस्सों में 13 जुलाई तक अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बताया है। वहीं मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की आशंका जताई गई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क बंद होने और आवागमन प्रभावित होने की संभावना रहती है।पिछले 24 घंटों में भी कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव में 17 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि बिहार के सिवान और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के पीछे कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। बिहार, असम और बांग्लादेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहे हैं, जिससे इन इलाकों में बादल मजबूत हो रहे हैं और बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। मुंबई में रविवार को समुद्र में हाई टाइड देखने को मिली। मरीन ड्राइव पर ऊंची लहरों के बीच मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हालांकि देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है।
मानसून के बीच गर्मी भी जारी
देश के कई राज्यों में जहां बारिश राहत लेकर आई है, वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना जताई है। यह मौसम की बदलती स्थिति को दिखाता है, जहां एक ही समय में कुछ राज्यों में भारी बारिश और कुछ हिस्सों में गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले राज्यों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने को कहा गया है। नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी गई है। फिलहाल मानसून उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय बना हुआ है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जबकि कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिलेगा।
देशभर में मौसम का अलग अंदाज
देशभर में मानसून की स्थिति इस समय काफी अलग-अलग देखने को मिल रही है। उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय मानसून के कारण भारी बारिश का दौर जारी है, जबकि कुछ इलाकों में अब भी गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों तक असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम जैसे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर, तटीय आंध्र प्रदेश जैसे कुछ इलाकों में गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। यानी इस समय देश में मानसून एक साथ कई रंग दिखा रहा है कहीं राहत की बारिश है तो कहीं मौसम की चुनौती बरकरार है।



