मुंबई। जब भी कोई बड़ी फिल्म रिलीज होने वाली होती है, तो सबसे ज्यादा चर्चा होती है उसकी कहानी, स्टार कास्ट और रिलीज डेट की। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि ज्यादातर बड़ी फिल्में शुक्रवार को ही सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं? बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक, शुक्रवार का दिन फिल्म रिलीज के लिए सबसे पसंदीदा माना जाता है। इसके पीछे सिर्फ एक पुरानी परंपरा नहीं, बल्कि कमाई का गणित, दर्शकों की आदत और फिल्म इंडस्ट्री की पूरी रणनीति काम करती है।
शुक्रवार ही क्यों है फिल्मों का पसंदीदा दिन?
फिल्म रिलीज के लिए शुक्रवार का चुनाव सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है। यह दिन फिल्मों को ज्यादा दर्शक, बेहतर प्रचार और कमाई का बड़ा मौका देता है। यही कारण है कि आज भी जब कोई बड़ी फिल्म आती है, तो उसकी रिलीज के लिए शुक्रवार को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। अगली बार जब कोई फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक दे, तो याद रखिएगा कि इसके पीछे सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि फिल्म बिजनेस का पूरा गणित छिपा होता है।
शुक्रवार को रिलीज होने से मिलता है पूरा वीकेंड का फायदा
फिल्म की सफलता में उसका पहला वीकेंड बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार के तीन दिनों में फिल्म को सबसे ज्यादा दर्शक मिलने की संभावना होती है। जब कोई फिल्म शुक्रवार को रिलीज होती है, तो उसे शुरुआत से ही तीन बड़े कमाई वाले दिन मिल जाते हैं। शुक्रवार शाम को काम और पढ़ाई के बाद लोग फिल्म देखने पहुंचते हैं, जबकि शनिवार और रविवार की छुट्टियों में सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या और बढ़ जाती है। यही वजह है कि फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को शुक्रवार को रिलीज करना पसंद करते हैं, क्योंकि शुरुआती तीन दिनों की अच्छी कमाई फिल्म के आगे के प्रदर्शन पर बड़ा असर डाल सकती है।
ओपनिंग डे और पहले वीकेंड की कमाई क्यों है इतनी खास?
फिल्म इंडस्ट्री में किसी भी फिल्म की ओपनिंग काफी मायने रखती है। पहली दिन और पहले वीकेंड की कमाई से यह अंदाजा लगाया जाता है कि फिल्म को दर्शकों से कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है। अगर शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म को अच्छी शुरुआत मिलती है, तो उसकी चर्चा तेजी से बढ़ने लगती है। सोशल मीडिया, न्यूज और लोगों की बातचीत के जरिए फिल्म का प्रचार अपने आप बढ़ता है। अच्छी प्रतिक्रिया मिलने पर शनिवार और रविवार को ज्यादा दर्शक फिल्म देखने पहुंच सकते हैं, जिससे फिल्म की कमाई को फायदा मिलता है। शुक्रवार को फिल्म रिलीज करने का चलन कई दशकों पुराना है। समय के साथ यह पूरी फिल्म इंडस्ट्री का एक तय तरीका बन गया। अब फिल्म निर्माता, डिस्ट्रीब्यूटर और सिनेमा हॉल सभी अपनी योजनाएं शुक्रवार को ध्यान में रखकर बनाते हैं। सिनेमाघर भी आमतौर पर शुक्रवार को अपनी स्क्रीन और शो टाइम में बदलाव करते हैं, जिससे नई फिल्मों को ज्यादा शो और बेहतर टाइम स्लॉट मिल जाते हैं। इस पूरी व्यवस्था ने शुक्रवार को फिल्मों के लिए एक खास दिन बना दिया है।
फिर शनिवार को फिल्म रिलीज क्यों नहीं की जाती?
कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि जब शनिवार को ज्यादा लोग छुट्टी पर होते हैं, तो फिल्म शनिवार को रिलीज क्यों नहीं होती? इसका मुख्य कारण है कि शनिवार की रिलीज फिल्म को एक दिन कम दे देती है। अगर फिल्म शुक्रवार को आती है, तो उसके पास शुक्रवार, शनिवार और रविवार पूरे तीन दिन होते हैं। लेकिन शनिवार को रिलीज होने पर फिल्म के पास शुरुआती वीकेंड में सिर्फ दो दिन बचते हैं। इसके अलावा शुक्रवार को रिलीज होने से फिल्म को दर्शकों की प्रतिक्रिया और प्रचार के लिए भी ज्यादा समय मिलता है। ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार फिल्म निर्माता खास मौकों और त्योहारों को ध्यान में रखते हुए रिलीज डेट तय करते हैं। भारत में दिवाली, ईद, क्रिसमस और स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर भी बड़ी फिल्मों को रिलीज किया जाता है, क्योंकि इन दिनों लोग छुट्टियों के कारण ज्यादा समय निकालकर फिल्में देखने जाते हैं। कई बार त्योहारों की रिलीज फिल्मों के लिए शुक्रवार से भी ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।



