Monday, July 13, 2026
HomeFact Checkगुमला रेप केस: 3 साल की मासूम से रेप, मासूम के जख्मों...

गुमला रेप केस: 3 साल की मासूम से रेप, मासूम के जख्मों का सौदा कर रहे थे पंच

तड़पती रही 3 साल की मासूम! इंसाफ की जगह रसूखदारों ने चुकता की जुर्म की कीमत, फिर बुझाई शराब की प्यास। झारखंड के गुमला में तीन साल की मासूम से दरिंदगी के बाद पंचायत ने इंसाफ का गला घोंटते हुए आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। संवेदनहीनता की हद पार करते हुए रसूखदारों ने जुर्माने के मिले 20 हजार रुपयों से गांव में ही मटन-शराब की पार्टी उड़ाई, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अब साक्ष्य छिपाने वाले पंचों पर शिकंजा कस रही है।

नई दिल्ली।सभ्य समाज को अंदर तक झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और शर्मनाक घटना झारखंड के गुमला जिले से सामने आई है। यहाँ घाघरा थाना क्षेत्र के पलमा गांव में न सिर्फ एक तीन साल की मासूम बच्ची के बचपन को बेरहमी से कुचला गया, बल्कि इंसाफ की उम्मीद पर भी गांव के रसूखदारों ने मटन और शराब की पार्टी उड़ा दी। रक्षक बनने का ढोंग करने वाली एक गैरकानूनी पंचायत ने मासूम के जख्मों की कीमत लगा दी, लेकिन कानून की सतर्कता से आज आरोपी सलाखों के पीछे है।

जब रक्षक ही बना भक्षक


घटना बीते शनिवार, 11 जुलाई 2026 की है। पलमा गांव की एक महिला अपनी तीन साल की मासूम बेटी के साथ घर पर थी। तभी पड़ोस का रहने वाला सुनील लोहरा नाम का युवक वहां पहुंचा। उसने बच्ची को खिलाने के बहाने गोद में लिया और महिला से कहा, “लाओ, तुम्हारी बेटी को मैं पकड़ लेता हूं, तुम अपना काम कर लो।” मां को भनक भी नहीं थी कि जिसे वह इंसान समझ रही है, उसके भीतर एक भेड़िया छुपा है। सुनील बच्ची को कमरे में ले गया और वहां उसने इस मासूम बच्ची के साथ बर्बरता की हदें पार करते हुए दुष्कर्म किया।

पंचायत की हैवानियत


इस जघन्य अपराध की गूंज जब गांव के कुछ रसूखदारों तक पहुंची, तो उम्मीद थी कि वे पीड़िता को अस्पताल पहुंचाएंगे और आरोपी को पुलिस के हवाले करेंगे। लेकिन रविवार, 12 जुलाई को जो हुआ, उसने इंसानियत का जनाजा निकाल दिया। गांव के दबंगों ने चुपचाप एक पंचायत बुलाई। कानून को ताक पर रखकर इस पंचायत ने फैसला सुनाया कि मामले को पुलिस तक नहीं ले जाया जाएगा। हद तो तब हो गई जब पंचों ने मासूम की चीखों का सौदा करते हुए आरोपी सुनील लोहरा पर 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। आरोपी ने तुरंत 20 हजार रुपये नकद दिए और बाकी 80 हजार रुपये एक हफ्ते में देने का वादा किया। शर्म की बात यह रही कि पंचायत ने उस मासूम के इलाज या उसकी मदद के बजाय, आरोपी से मिले 20 हजार रुपये से गांव में ही मटन और शराब का इंतजाम किया। एक तरफ तीन साल की बच्ची दर्द से तड़प रही थी, और दूसरी तरफ रसूखदार उस जुर्म के पैसे से जश्न मना रहे थे।

सलाखों के पीछे आरोपी


इस घिनौने खेल के बीच गांव के ही एक सजग नागरिक ने हिम्मत दिखाई और घाघरा थाना पुलिस को गुप्त सूचना दे दी। खबर मिलते ही घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत पलमा गांव में दबिश दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुनील लोहरा को गिरफ्तार कर लिया। घाघरा पुलिस ने पीड़िता की मां के बयान पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की अत्यंत गंभीर व गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बच्ची को तुरंत चिकित्सीय सहायता और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घाघरा थाना प्रभारी ने साफ किया है कि पुलिस सिर्फ आरोपी सुनील पर ही नहीं, बल्कि कानून को हाथ में लेने वाले उन तमाम रसूखदारों पर भी सख्त कार्रवाई करेगी जिन्होंने इस गंभीर अपराध को दबाने की कोशिश की। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानूनी प्रक्रिया में बाधा डाली और पुलिस को सूचना नहीं दी। पीड़ित परिवार पर मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाया। जघन्य अपराध के पैसे से शराब और मटन पार्टी का आयोजन किया।

एक बड़ा सवाल


यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने पर एक गहरा घाव है। जब एक तीन साल की बच्ची की चीखें किसी समाज के जमीर को नहीं जगा पातीं और वे इंसाफ के बदले मटन-शराब की दावत उड़ाने लगते हैं, तो समझना होगा कि समाज गहरे अंधकार में डूब चुका है। फिलहाल, पुलिस की मुस्तैदी ने कानून का इकबाल बुलंद रखा है, और उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले में आरोपी और उसके मददगारों को ऐसी सजा सुनाएगा जो नजीर बनेगी। अभी गुमला की यह खौफनाक वारदात सामने आई ही थी कि इसी दौरान विजयनगर थाना क्षेत्र से भी इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक और खबर आ गई। यहाँ भी शनिवार की सुबह एक मासूम तीन वर्षीय बच्ची को अकेला पाकर, उसे खिलाने के बहाने एक पड़ोसी बुजुर्ग ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची की चीख सुनकर जब आसपास के कामगार लोग दौड़े, तो उन्होंने आरोपी बुजुर्ग को मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। इन दोनों ही घटनाओं ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हमारा समाज किस ओर जा रहा है, जहाँ मासूम बच्चियां अपने ही पड़ोसियों के बीच महफूज़ नहीं हैं।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image