Saturday, May 16, 2026
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WPI: जुलाई में थोक महंगाई दर 2 साल के निचले स्तर पर -0.58 पर आई, जानें किन चीजों के दाम में आई गिरावट

WPI Inflation: जुलाई में थोक महंगाई दर लगातार दूसरे महीने नकारात्मक रही और -0.58% पर आ गई. यह गिरावट खाद्य वस्तुओं, खनिज तेल, कच्चे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और मूल धातुओं की कीमतों में कमी से हुई.

WPI Inflation: खाद्य वस्तुओं एवं ईंधन की कीमतों में गिरावट के बीच थोक मुद्रास्फीति जुलाई में लगातार दूसरे महीने शून्य से नीचे रही. थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीओई) आधारित मुद्रास्फीति जुलाई में शून्य से नीचे 0.58 प्रतिशत रही. यह जून में शून्य से नीचे 0.13 प्रतिशत और जुलाई 2024 में यह 2.10 प्रतिशत रही थी.

उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘ मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, मूल धातुओं के विनिर्माण आदि की कीमतों में कमी के कारण थोक मुद्रास्फीति जुलाई 2025 में शून्य से नीचे रही.’

खाद्य वस्तुओं, सब्जी के दाम में गिरावट

थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं में जुलाई में मुद्रास्फीति में 6.29 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि जून में इनमें 3.75 प्रतिशत की गिरावट आई थी. सब्जियों के दाम में भारी गिरावट देखी गई. जुलाई में इनकी कीमतों में 28.96 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि जून में यह 22.65 प्रतिशत घटी थी.

मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों के मामले में मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 2.05 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले महीने यह 1.97 प्रतिशत थी. ईंधन और बिजली में जुलाई में यह 2.43 प्रतिशत रही जबकि जून में यह 2.65 प्रतिशत थी. खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखने वाले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस महीने की शुरुआत में नीतिगत दरों को 5.5 प्रतिशत पर यथावत रखा था. खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में 8 साल के निचले स्तर 1.55 प्रतिशत पर आ गई.

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Premanshu Chaturvedi
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