प्रतीक चौवे, संपादक
India US Trade Deal: बजट के दूसरे दिन अमेरिका ने भारत पर लगा टैरिफ घटा दिया। इसका शोर भी खूब मच रहा है, अभी भारत पचास फीसदी टैरिफ झेल रहा था। ट्रंप ने दावा किया है कि अब भारत रूस से नहीं वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। पहले 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगने का भी कारण यही बताया गया था कि अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदे। तब मोदी सरकार की ओर से बार-बार यही कहा गया कि , अमेरिका की दादागिरी नहीं चलने वाली। रूस से तेल की डील जारी रहेगी। आम बजट से निराश रहे ‘आम आदमी’ को अब अमेरिका की इस ‘दया’ के फायदे गिनाए जा रहे हैं। असल में टैरिफ का मूल फायदा-नुकसान होता किसी को है पर समय-परिस्थिति के हिसाब से ‘क्रेडिट’ किसी ओर को दे दिया जाता है। जब भी टैरिफ कम करने का ऐलान होता है, तो दावा होता है कि इससे महंगाई घटेगी और आम आदमी को राहत मिलेगी। लेकिन सवाल यही है कि क्या वास्तव में अमेरिका के टैरिफ घटाने का सीधा और ठोस फायदा आमजन तक पहुंचेगा या ये केवल जबरन बनाया जाने वाला माहौल है।
ट्रंप ने दो अप्रैल 2025 को भारत पर 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया था, इसके बाद 27 अगस्त को अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया। इस तरह पचास फीसदी टैरिफ लग गया। ट्रंप ने कई बार इसको लेकर खुलकर बोला, धमकी तक दी कि रूस से तेल लेने पर अतिरिक्त टैरिफ भुगतना होगा। वो हुआ भी, टैरिफ कम करने के लिए भारत की ओर से क्या प्रयास किए गए यह तो पता नहीं पर बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सीमा शुल्क में राहत देने का फैसला अमेरिकी शुल्क को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है। ट्रंप ने ही कई बार भारत-पाक के सीज फायर का दावा किया। अब उनका कहना है कि भारत रूस के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
जब भी सरकार टैरिफ (शुल्क/आयात कर) कम करने का ऐलान करती है, तो दावा होता है कि इससे महंगाई घटेगी और आम आदमी को राहत मिलेगी। लेकिन सवाल यही है कि क्या वास्तव में टैरिफ घटने का सीधा और ठोस फायदा आमजन तक पहुंचता है, या यह राहत कागज़ों तक ही सीमित रह जाती है? अगर ऐसा है तो क्या यह माना जाए कि रूस से तेल नहीं खरीदने की शर्त पर यह डील हुई है? शायद यही वजह होगी कि अतिरिक्त ट्रैरिफ हटाकर इसमें और कमी की गई। पीएम मोदी ने ट्रंप को देशवासियों की ओर से बधाई दी है। इससे देश के आमजन को फायदा हो, इसकी तस्वीर कोई साफ नहीं हो पाई है। अचानक हुई इस डील को लेकर भी अलग-अलग बातें कही जाने लगी हैं। बहरहाल टैरिफ के घटने से आम आदमी की जेब भारी हुई होगी, ऐसा मान लेना चाहिए !




