Poseidon : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की है कि रूस ने Poseidon (पोसाइडन) नामक एक परमाणु क्षमता से लैस मानवरहित सबमरीन ड्रोन का सफल परीक्षण किया है। यह ड्रोन समुंदर के अंदर चलता है और जरूरत पड़ने पर कयामत जैसी तबाही मचा सकता है।
समंदर के नीचे का ‘कयामत ड्रोन’
पोसाइडन को रूस की सबसे घातक अंडरवॉटर वेपन सिस्टम कहा जा रहा है। यह पूरी तरह ऑटोमेटिक और मानवरहित है, यानी इसे किसी मानव नियंत्रण की जरूरत नहीं होती। इसमें लगा न्यूक्लियर पावर प्लांट बेहद छोटा लेकिन अत्यधिक शक्तिशाली है, यह किसी बड़े सबमरीन के रिएक्टर से 100 गुना छोटा है, फिर भी उतनी ही ऊर्जा पैदा करने में सक्षम है। पुतिन ने दावा किया कि Poseidon रूस की Sarmat इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) से भी ज्यादा ताकतवर है। उनका कहना है कि इस ड्रोन में इतनी क्षमता है कि यह समुद्र के भीतर से किसी भी तटीय शहर पर परमाणु हमला कर सकता है। पुतिन ने यह भी कहा कि जल्द ही Sarmat मिसाइल को भी रूसी सेना में शामिल किया जाएगा, जिससे रूस की परमाणु ताकत और दोगुनी हो जाएगी।

अमेरिका और यूरोप में मचा हड़कंप
पुतिन के ऐलान के तुरंत बाद ही अमेरिका और यूरोपीय देशों में भय और चिंता फैल गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की इस घोषणा के बाद तुरंत परमाणु परीक्षण का आदेश दे दिया है। इससे साफ है कि पुतिन के नए हथियार ने पश्चिमी देशों को गंभीर रणनीतिक दबाव में डाल दिया है।
जानिए क्या है Poseidon की खासियत?
प्रकार: मानवरहित न्यूक्लियर सबमरीन ड्रोन।
ऊर्जा स्रोत: न्यूक्लियर पावर प्लांट।
गहराई: 1000 मीटर तक पानी के अंदर संचालन।
गति: 200 किमी/घंटा तक।
रेंज: 10,000 किमी से अधिक।
वारहेड: परमाणु (Nuclear)
रिएक्टर की खासियत
पुतिन ने बताया कि पोसाइडन में लगे न्यूक्लियर पावर प्लांट का आकार पारंपरिक बड़े सबमरीन के रिएक्टर की तुलना में बहुत छोटा है, पर उसके अन्दर जो ऊर्जा संचित है वह विनाशकारी क्षमता रखती है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि निर्माण में स्पेस-ग्रेड तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे रिएक्टर को कॉम्पैक्ट रखने के साथ-साथ अधिक स्थिरता और लंबी अवधि का संचालन संभव हुआ है। पर ध्यान दें, पुतिन ने सटीक माप (साइज़, पावर आउटपुट, रेडिएशन प्रोफ़ाइल) सार्वजनिक नहीं किए, इसलिए बाहरी विश्लेषक अनुमान और खुले-स्रोत रिपोर्टों पर ही निर्भर हैं।
समुद्र तटों पर सुनामी पैदा करने की क्षमता
रूसी मीडिया की रिपोर्टों में एक गंभीर दावे पर ज़ोर दिया जा रहा है: पोसाइडन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उसे किसी तटीय इलाके के समीप विस्फोट करवा कर एक शक्तिशाली सूनामी (tsunami-like wave) उत्पन्न की जा सके, और वह पानी रेडियोधर्मी हो। यदि ऐसा हुआ तो परिणाम सिर्फ एक ब्लास्ट नहीं होगा; तटीय शहरों और अंचलों में लंबे समय तक कारगर रेडियोधर्मी संदूषण और व्यापक विनाश की संभावना बन सकती है। यह दावों की प्रकृति और वास्तविक प्रभाव दोनों ही कारण हैं जिनसे विशेषज्ञ सतर्क हैं, क्योंकि सूनामी-स्तरीय तरंगें पैदा करने और उन्हें रेडियोधर्मी बनाने के वास्तविक व्यवहार का आकलन कई कारकों (डिज़ाइन, वेदर, समुद्री टोपोग्राफी आदि) पर निर्भर करता है।



