Noida Workers Protest : नोएडा। नोएडा औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले तीन-चार दिनों से सुलग रहा मजदूरों का गुस्सा सोमवार सुबह हिंसक रूप में फूट पड़ा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और कई जगहों पर आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शन के चलते सेक्टर-62, फेज-2 और NH-9 सहित नोएडा के कई प्रमुख इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़कों पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह सड़कों को जाम कर दिया और वाहनों के सामने लेटकर विरोध जताया।

हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों ने कंपनियों के बाहर जमकर तोड़फोड़ की और कई वाहनों को निशाना बनाया। कुछ वाहनों में आग लगा दी गई, वहीं पुलिस के वाहनों पर भी हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मजदूर बड़ी संख्या में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। इस दौरान हुई झड़प के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। स्थिति को काबू में करने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
#WATCH | Uttar Pradesh: Aftermath of the violent protest by employees of a company in Noida Phase 2. They were protesting over their salary increment demands. Visuals from the spot.
— ANI (@ANI) April 13, 2026
During the protest vehicles and properties were damaged, and stone pelting took place. pic.twitter.com/OZ6jtYak4H
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
प्रदर्शन के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों और औद्योगिक क्षेत्रों में यातायात बाधित रहा। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके रहे:
- चिल्ला बॉर्डर
- सेक्टर 62
- सेक्टर 60 से 63 का क्षेत्र
प्रदर्शन की शुरुआत सेक्टर-62 से हुई, जो धीरे-धीरे आसपास के कई औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल गया।
#WATCH | Uttar Pradesh: Vehicles and properties vandalised and stones pelted in Phase 2 of Noida where a large number of employees of a company gathered in protest over their demands for a salary increment. Heavy Police deployment made here to bring the situation under control.… pic.twitter.com/1B0axJZSBN
— ANI (@ANI) April 13, 2026
औद्योगिक क्षेत्रों में भी असर
मजदूरों के विरोध का असर नोएडा के प्रमुख इंडस्ट्रियल ज़ोन में भी देखने को मिला, जिनमें शामिल हैं:
- होजरी कॉम्प्लेक्स
- फेज-1 और फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया
- आसपास के फैक्ट्री क्षेत्र
इन इलाकों में कामकाज प्रभावित हुआ और कई जगह उत्पादन ठप होने की खबरें सामने आईं।

प्रशासन ने पहले किए थे ये ऐलान
स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन पहले ही कुछ सुविधाओं की घोषणा कर चुका था, जिनमें शामिल हैं:
- साप्ताहिक अवकाश
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
- वार्षिक बोनस
- मेडिकल सुविधाएं और सुरक्षा उपाय
- शिकायत निवारण प्रणाली
जानिए क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
नोएडा: वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के सामने अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रखी हैं। मजदूरों का कहना है कि प्रदेश में न्यूनतम वेतन का नया ढांचा हरियाणा की तर्ज पर लागू किया जाए, ताकि उन्हें उनके काम के अनुसार उचित पारिश्रमिक मिल सके।
कर्मचारियों की मांग के अनुसार मासिक वेतन इस प्रकार तय किया जाए:
- अकुशल श्रमिक: 15,220 रुपये
- अर्धकुशल श्रमिक: 16,781 रुपये
- कुशल श्रमिक: 18,501 रुपये
- उच्च कुशल श्रमिक: 19,426 रुपये
मजदूरों का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं है और नए ढांचे से उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
“कम से कम 20 हजार रुपये हो न्यूनतम वेतन”
प्रदर्शन के दौरान कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ लंबे समय से अन्याय हो रहा है। उनका कहना है कि 8 घंटे की ड्यूटी के लिए न्यूनतम वेतन कम से कम 20,000 रुपये निर्धारित किया जाना चाहिए।



