US Iran War: ईरान में जारी युद्ध के बीच अब अंदरूनी मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और IRGC प्रमुख अहमद वाहिदी के बीच रणनीति को लेकर असहमति बढ़ती दिखाई दे रही है, जिससे हालात और जटिल हो सकते हैं।
युद्ध को लेकर सरकार और सेना में मतभेद
तेहरान। रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रपति पेजेश्कियान और IRGC चीफ के बीच इस बात को लेकर मतभेद हैं कि युद्ध को कैसे संभाला जाए। राष्ट्रपति को नरमपंथी माना जाता है, जबकि IRGC नेतृत्व सख्त रुख अपनाने के पक्ष में है। बताया जा रहा है कि लगातार बढ़ते तनाव और हमलों को लेकर दोनों के बीच विचार अलग-अलग हैं।
राष्ट्रपति ने जताई आर्थिक चिंता
राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कथित तौर पर चेतावनी दी है कि अगर युद्ध जल्द नहीं रुका तो अगले कुछ हफ्तों में देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में आ सकती है। उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमलों को लेकर चिंता जताई और इसे रोकने की जरूरत बताई। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश में पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी भी मांगी थी।
IRGC ने नहीं मानी बात
रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति की मांगों को IRGC प्रमुख अहमद वाहिदी ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के लिए सरकार भी जिम्मेदार है और युद्ध से पहले जरूरी सुधार नहीं किए गए। इससे सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच टकराव और स्पष्ट हो गया है।
आर्थिक हालात हो रहे खराब
युद्ध के असर से ईरान की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। कई शहरों में एटीएम खाली हो रहे हैं और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
महंगाई ने बढ़ाई चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान में जरूरी सामानों की कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी थीं। युद्ध के बाद महंगाई और तेज हो गई है, जिससे आम लोगों पर दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी युद्ध के साथ-साथ अंदरूनी मतभेद भी हालात को और गंभीर बना सकते हैं।
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