UN On Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की धमकी पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘हां, हम उस सोशल मीडिया पोस्ट से चिंतित हैं, जिसमें समझौता नहीं करने पर ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य ढांचे पर हमले की धमकी दी गई है.’ ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर चेतावनी दी थी कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य ढांचों पर हमले किए जाएंगे.
‘नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमला नहीं किया जाना चाहिए’
दुजारिक ने कहा कि महासचिव अंतरराष्ट्रीय कानून के मुद्दों पर पहले भी स्पष्ट रुख रख चुके हैं और उन्होंने सभी पक्षों से एक बार फिर अपील की है कि वे संघर्ष के दौरान अपने दायित्वों का पालन करें. नागरिक बुनियादी ढांचे, खासकर ऊर्जा से जुड़े ढांचे, पर हमला नहीं किया जाना चाहिए. भले ही कोई ढांचा सैन्य लक्ष्य माना जाए, फिर भी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून ऐसे हमलों की अनुमति नहीं देता, जिससे नागरिकों को अत्यधिक नुकसान होने की आशंका हो.’
‘अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के अलावा कोई विकल्प नहीं’
उन्होंने कहा, ‘महासचिव एक बार फिर दोहराते हैं कि इस संघर्ष को समाप्त करने का समय आ गया है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के अलावा कोई विकल्प नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि क्या ऐसे हमले युद्ध अपराध माने जा सकते हैं, तो दुजारिक ने कहा कि यह अपराध है या नहीं, इसका फैसला अदालत करेगी, लेकिन नागरिक बुनियादी ढांचे पर कोई भी हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है.’
संयुक्त राष्ट्र ने साफ संकेत दिया है कि इस तरह की आक्रामक चेतावनियां अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ हो सकती हैं, और सभी पक्षों को संयम बरतते हुए कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.
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