वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि वह सभी देशों पर 15 प्रतिशत का वैश्विक शुल्क लगाने की योजना बना रहे हैं। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने 10 प्रतिशत शुल्क लागू करने की घोषणा की थी। हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई 15 प्रतिशत शुल्क दर पर औपचारिक हस्ताक्षर कब होंगे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई रणनीति
अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में ट्रंप द्वारा आपातकालीन शक्तियों के कानून आईईईपीए 1977 के तहत लगाए गए व्यापक आयात शुल्क को अवैध करार दिया था। छह-तीन के बहुमत से दिए गए फैसले में कहा गया कि राष्ट्रपति को इस कानून के तहत आयात पर कर लगाने का अधिकार नहीं है।
इस फैसले के बाद ट्रंप ने घोषणा की थी कि 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए भारत सहित सभी देशों पर 10 प्रतिशत अस्थायी शुल्क लगाया जाएगा। अब वह इसी अस्थायी शुल्क को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने के संकेत दे रहे हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “हास्यास्पद” और “अमेरिका विरोधी” बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन नए और कानूनी रूप से स्वीकार्य शुल्क ढांचे पर काम कर रहा है, जो उनकी “अमेरिका को पुनः महान बनाने” की नीति को आगे बढ़ाएगा।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने अमेरिकी शुल्क के ऐलान पर कहा है कि वह हालिया घटनाक्रम और उनके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है।वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों की जानकारी सरकार के संज्ञान में है और सभी पहलुओं का मूल्यांकन किया जा रहा है।
133 अरब डॉलर की वसूली पर सवाल
अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी ने दिसंबर तक आईईईपीए के तहत लगाए गए शुल्क से करीब 133 अरब डॉलर की वसूली की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुल्क अवैध करार दिए जाते हैं तो आयातकों को रिफंड मिल सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं तक इसका लाभ पहुंचना मुश्किल होगा क्योंकि कंपनियां पहले ही बढ़े शुल्क का बोझ कीमतों में वृद्धि के रूप में डाल चुकी हैं।
वैश्विक व्यापार पर असर
यदि 15 प्रतिशत वैश्विक शुल्क लागू होता है तो इसका असर भारत समेत कई देशों के निर्यात पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ट्रंप प्रशासन नई कानूनी प्रक्रिया के तहत शुल्क लागू करता है या नहीं, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है।




