New York/Washington: 21 फरवरी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा उनके व्यापक टैरिफ आदेशों को रद्द किए जाने के बावजूद भारत के साथ व्यापार समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा और भारत को शुल्क देना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किए टैरिफ आदेश
अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए व्यापक शुल्क वृद्धि के आदेशों को शुक्रवार को निरस्त कर दिया। ट्रंप ने इस फैसले को निराशाजनक बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू करने के लिए एक नया शासकीय आदेश जारी करेंगे।
भारत के साथ समझौते पर स्पष्ट रुख
संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच हाल ही में घोषित व्यापार समझौते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।जब उनसे पूछा गया कि अब भारत के साथ समझौते की स्थिति क्या होगी, तो उन्होंने साफ कहा, “कुछ नहीं बदलेगा।”
ट्रंप के मुताबिक भारत शुल्क का भुगतान करेगा, जबकि अमेरिका शुल्क नहीं देगा। उन्होंने इसे पहले की स्थिति से अलग बताते हुए कहा कि अब समझौता “निष्पक्ष” है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सज्जन व्यक्ति बताते हुए कहा कि अब व्यापार व्यवस्था संतुलित है।
रूस से तेल खरीद पर भी टिप्पणी
ट्रंप ने दावा किया कि उनके अनुरोध पर भारत ने रूस से तेल आयात में काफी कमी की है। उन्होंने यह भी दोहराया कि पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को उन्होंने शुल्क की धमकी देकर रुकवाया था।उन्होंने कहा, “भारत के साथ समझौता जारी है। सभी समझौते जारी हैं, हम इसे बस अलग तरीके से करेंगे।”ट्रंप ने भारत के साथ अपने संबंधों को शानदार बताते हुए कहा कि दोनों देश व्यापार कर रहे हैं और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भी सहयोग जारी है।




