Transgender Amendment Bill : नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलार को कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित विधेयक ट्रांसजेंडर लोगों के संवैधानिक अधिकारों एवं पहचान पर सीधा हमला है, जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। ट्रांसजेंडर समुदायों के कुछ लोगों ने मंगलवार को राहुल गांधी से मुलाकात की और अपनी चिंता से उन्हें अवगत कराया।
संवैधानिक अधिकारों और पहचान पर एक खुला हमला : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भाजपा सरकार का ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन विधेयक ट्रांसजेंडर लोगों के संवैधानिक अधिकारों और पहचान पर एक खुला हमला है।’’ उन्होंने दावा किया कि यह प्रतिगामी विधेयक उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करते हुए, ट्रांसजेंडर लोगों की खुद को पहचानने की क्षमता छीनता है, पूरे भारत में समुदायों की विविध सांस्कृतिक पहचान को मिटाता है, ट्रांसजेंडर लोगों को मेडिकल बोर्ड द्वारा अमानवीय परीक्षाओं से गुजरने के लिए मजबूर करता है, सुरक्षा उपायों के बिना आपराधिक दंड और निगरानी का प्रावधान करता है।
The BJP government’s Transgender Persons Amendment Bill is a brazen attack on the Constitutional rights and identity of transgender people.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 24, 2026
This regressive bill:
– strips transgender people of their ability to self identify, violating a Supreme Court judgement
– wipes out the… pic.twitter.com/et6lqpgTXw
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस समुदाय से परामर्श नहीं किया और एक विधेयक लाया गया जो उनकी रक्षा करने के बजाय उन्हें ‘कलंकित’ करता है। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘संविधान प्रत्येक भारतीय के जीवन, स्वतंत्रता, पहचान और सम्मान के अधिकार की रक्षा करता है। यह भाजपा सरकार हमारे संविधान का उल्लंघन कर रही है और अपने संकीर्ण विचारों के चलते ट्रांसजेंडर समुदायों को सम्मान देने के भारत के समृद्ध इतिहास को नष्ट कर रही है।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का स्पष्ट रूप से विरोध करती है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने बीते 13 मार्च को ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक संसद में पेश किया था। विधेयक में कहा गया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की सही और सुनिश्चित पहचान करना और उनकी सुरक्षा के लिए एक उपयुक्त परिभाषा देना जरूरी है ताकि उन्हें मौजूदा कानून का फायदा मिल सके।




