India-EU Trade Deal : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के बाद, भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली से जुड़े चिकित्सक अब यूरोपियन संघ के देशों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। केरल में आर्य वैद्यशाला चैरिटेबल अस्पताल के शताब्दी समारोह में मोदी ने कहा कि आयुष चिकित्सक भारत में हासिल की गई व्यावसायिक योग्यता के आधार पर यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य देशों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे, जिससे आयुर्वेद और योग से जुड़े युवाओं को बहुत फायदा होगा।
ऐतिहासिक भारत-ईयू व्यापार समझौते का आयुष सेक्टर को फायदा
प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि ईयू के साथ हाल में घोषित ऐतिहासिक व्यापार समझौते से भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और उसके चिकित्सकों को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता यूरोप में आयुष आरोग्य केंद्र बनाने में भी मदद करेगा और इस उपलब्धि के लिए उन्होंने आयुर्वेद तथा आयुष से जुड़े सभी आगंतुकों को बधाई दी। मोदी ने कहा कि भारत सदियों से आयुर्वेद के जरिए लोगों का इलाज कर रहा है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के अंदर और बड़े पैमाने पर विदेशों में इसकी अहमियत समझाने की कोशिशें नहीं की गईं। उन्होंने कहा कि इसका एक बड़ा कारण साक्ष्य आधारित अनुसंधान और शोधपत्रों की कमी रही है।

आयुर्वेद और योग से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आयुर्वेदिक पद्धतियों को विज्ञान के सिद्धांतों पर परखा जाता है, तो लोगों का भरोसा और मजबूत होता है। उन्होंने खुशी जताई कि आर्य वैद्यशाला ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे संस्थानों के साथ मिलकर आयुर्वेद को लगातार विज्ञान और अनुसंधान की कसौटी पर परखा है। मोदी ने कहा कि संस्थान ने दवा अनुसंधान, क्लिनिकल शोध और कैंसर देखभाल पर ध्यान केंद्रित किया है, और आयुष मंत्रालय के सहयोग से, कैंसर अनुसंधान के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना इस दिशा में एक ज़रूरी कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्य वैद्यशाला ने आयुर्वेद को बचाने, सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने इसके संस्थापक वैद्यरत्नम पी एस वारियर के योगदान को भी याद किया। मोदी ने कहा भारत में आयुर्वेद कभी किसी एक ज़माने या इलाके तक सीमित नहीं रहा है और हर ज़माने में, इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति ने ज़िंदगी को समझने, संतुलन बनाने और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने का रास्ता दिखाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्य वैद्यशाला 600 से ज़्यादा आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन करती है और देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके अस्पताल आयुर्वेदिक तरीकों से रोगियों का उपचार करते हैं, जिनमें 60 से अधिक देशों के मरीज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आर्य वैद्यशाला ने अपने काम से यह भरोसा कमाया है और जब लोग मुश्किल में होते हैं, तो यह संस्था उनके लिए उम्मीद की एक बड़ी वजह बन जाती है।




