बेंगलुरु। अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत से जुड़े डीपफेक मामले में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर अभिनेत्री की छवि का दुरुपयोग कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री तैयार करने तथा उसे इंटरनेट पर प्रसारित करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अभिनेत्री की तस्वीरों और वीडियो में छेड़छाड़ की थी। इसके बाद इन सामग्रियों को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरी गतिविधि सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी सामग्री किस प्रकार तैयार की गई और उसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया। रुक्मिणी वसंत ने इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री पूरी तरह से फर्जी है और इसका उनकी वास्तविक जिंदगी से कोई संबंध नहीं है।
अभिनेत्री ने इसे उनकी निजता और व्यक्तिगत अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया था। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। यदि किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक तकनीक का बढ़ता दुरुपयोग समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इस तकनीक के जरिए किसी भी व्यक्ति की तस्वीर या वीडियो को बदलकर भ्रामक सामग्री तैयार की जा सकती है, जिससे उसकी छवि और प्रतिष्ठा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेट पर प्रसारित होने वाली संदिग्ध सामग्री को बिना सत्यापन के साझा न करें और किसी भी प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।



