Iran Israel US War : जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया इस वक्त तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ी है। उन्होंने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध रुकवाने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता पर विदेश मंत्री के बयान पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे नाजुक समय में भारत जैसे बड़े देश को शांति स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। जहां पाकिस्तान जैसा देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, वहीं देश के विदेश मंत्री कह रहे हैं कि पाकिस्तान दलाली कर रहा है। आप कैसे कह सकते हैं कि पाकिस्तान दलाली कर रहा है। अगर दुनिया में कहीं शांति स्थापित करने की बात हो रही है और कोई देश उसमें मध्यस्थता कर रहा है, क्योंकि सभी चाहते हैं की शांति स्थापना हो।
विदेश मंत्री का दलाली वाला बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। गहलोत ने गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए ये बातें कही। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान की कोई हैसियत नहीं थी। 1965 की जंग में पाकिस्तान को हार का मुंह देखना पड़ा। कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने मुंह की खाई थी। ऑपरेशन सिंदूर में भी उसको मुंह की खानी पड़ी, लेकिन उस वक्त तुर्की जैसे देश उसका साथ दे रहे थे। हमारे साथ कोई नहीं खड़ा था, लेकिन आज अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप उससे डायलॉग करवा रहे है। मुझे लगता है कि विदेश मंत्री की जुबान फिसल गई होगी और अगर उन्होंने सोच समझकर यह सब बोला है तो उन्हें अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। कोई विदेश मंत्री इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं कर सकता।
आज जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अंतर्राष्ट्रीय स्थिति को लेकर अपने विचार साझा किए :
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) March 26, 2026
देखिए, एक तो अंतर्राष्ट्रीय स्थिति बड़ी नाजुक है। एक तरफ तेल और गैस को लेकर जो स्थिति बनती जा रही है, तो राहुल गांधी ने पहले ही वॉर्न किया था कि ये स्थिति बनेगी।
हमेशा सरकार लेट कर… pic.twitter.com/5mmEuQ1E8j
देशभर में उनके बयान की आलोचना हो रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत की स्थिति क्या हो गई है। हमारे समय में जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब उन्होंने 90000 पाकिस्तानी सैनिकों को आत्म समर्पण करने पर मजबूर कर दिया था। जो भारत की वास्तविक शक्ति का प्रतीक था। गहलोत ने अमेरिकी राष्ट्रपति के विरोधाभासी बयानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने हैरानी जताई कि कैसे एक देश का राष्ट्रपति भारतीय प्रधानमंत्री के लिए कभी ‘दोस्ती’ और कभी ‘राजनीति खत्म करने’ जैसी बातें कह सकता है। ऐसा पहले कभी नहीं सुना।
राजस्थान में कानून का राज खत्म:
पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था का मामला उठाते हुए कहा कि राजस्थान में कानून का राज खत्म हो गया है। आए दिन मर्डर और हत्याएं हो रही हैं। गहलोत ने कहा कि अकेले मार्च महीने में कई जगह हत्याएं हुई हैं। जयपुर में प्रोपर्टी डीलर की हत्या हुई। भरतपुर में ज्वैलर की हत्या हुई। चूरू में होटल में फायरिंग की घटना में होटल मालिक की हत्या हो गई। सिरोही माउंट आबू में 15 मार्च को एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। बाड़मेर में व्यापारी की हत्या सरेआम कर दी गई। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति बदहाल है और गांव में भी उत्पीड़न हो रहा है। गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया था, लेकिन इस सरकार ने सत्ता में आते ही अनिवार्य एफआईआर को बंद कर दिया और कम आंकड़े दिखाने के लिए एफआईआर दर्ज नहीं होने दे रहे हैं।



