Income Tax Rules 2026 : नई दिल्ली। नये आयकर कानून के लिए जारी नियमों का मसौदा एवं फॉर्म को काफी सरल बनाया गया है। इसमें नियमों की संख्या लगभग 35 प्रतिशत घटाकर 333 कर दी गयी है जबकि फॉर्म की संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती की गयी है। इस पहल का मकसद करदाताओं के लिए प्रावधानों को सरल बनाना, अनुपालन बोझ को कम करना और व्यवस्था को करदाताओं के अनुकूल बनाना है।
नया आयकर कानून लागू होने से पहले बड़ा बदलाव, फॉर्म होंगे आसान
आयकर विभाग के सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नये मसौदा नियम और फॉर्म पर लोगों के सुझाव आने के बाद इसे मार्च के पहले सप्ताह में अधिसूचित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कर विभाग ने बीते सप्ताह शनिवार को नये आयकर कानून, 2025 के तहत नियमों का मसौदा एवं फॉर्म जारी किये थे। आयकर विभाग ने 22 फरवरी तक आयकर नियम, 2026 के मसौदा नियम और फॉर्म पर संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं।
नया आयकर कानून, 2025 एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा। यह छह दशक से अधिक पुराने आयकर कानून, 1961 की जगह लेगा। आयकर विभाग के सूत्रों ने नियमों के मसौदे और फॉर्म के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘‘ आयकर नियम और फॉर्म को युक्तिसंगत बनाया गया है। प्रस्तावित आयकर नियम, 2026 के तहत नियमों की संख्या घटाकर 333 जबकि फॉर्म की संख्या घटाकर 190 की गयी है। आयकर नियम ,1962 के तहत इसकी संख्या क्रमश: 511 और 399 थी।’’

नियम और फॉर्म आधे से ज्यादा कम
प्रस्तावित आयकर नियम में भाषा को सरल बनाया गया है और उन अनुपालन को हटाया गया है जिनकी जरूरत अब नहीं रह गयी है। इसके साथ अनुपालन को सुगम बनाने के लिए फॉर्म का मानकीकरण किया गया है। इसके अलावा, नियमों को आयकर कानून, 2025 के साथ संबद्ध किया गया है और अनवाश्यक प्रावधानों को समाप्त किया गया है।
सूत्रों ने कहा, नियमों को और फॉर्म को ‘रि-इंजीनियर’ किया गया है। इसके तहत नियमों को आयकर कानून, 2025 के साथ संबद्ध किया गया है और अनवाश्यक प्रावधानों को समाप्त किया गया है। साथ ही फाइलिंग को ज्यादा आसान और कम गलती वाला बनाने के लिए ‘प्रिफिल’ यानी पहले से ही फॉर्म में आंकड़े भरे होने की सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा, परिचालन, प्रशासनिक या कानूनी उलझन से बचने के लिए फॉर्म की भाषा को आसान बनाया गया है। एक सवाल के जवाब में सूत्र ने कहा कि इससे कर अनुपालन सुगम एवं बेहतर होगा। साथ ही कर विभाग की परिचालन क्षमता और मजबूत होगी जिससे कर चोरी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।




